भिलाई नगर 28 सितंबर। बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ के द्वारा प्रोडक्शन रीलेटेड फार्मूले के तहत बोनस की गणना किए जाने का फार्मूला लागू करने को लेकर आज प्रबंधन को सचेत करते हुए मशाल जुलूस निकाला। इसके पूर्व दो दिन तक कार्य स्थल पर काला बैज लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया गया । तीन दिन तक चले प्रदर्शन के अंतिम दिन 28 सितंबर को बीएकेएस यूनियन के द्वारा विशाल मशाल जुलूस निकालकर प्रबंधन के खिलाफ बीएसपी कर्मियों के अहितकारी एएसपीएलआईएस फर्मुला के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया गया।
यूनियन के अध्यक्ष अमर सिंह ने बताया कि यूनियन द्वारा क्रुड स्टील प्रोडक्शन तथा एबीटा के आधार पर प्रोडक्शन रिलेटेड पे को लागू प्रबंधन को करना ही होगा। श्री सिंह ने आरोप लगाया कि मैनेजमेंट तथा तीन यूनियनो बीएमएस, इंटक , एटक के हस्ताक्षर से जबरदस्ती लागू किया गया किए। 19.2 मिलियन टन क्रुड स्टील उत्पादन तथा 12400 करोड़ रुपया एबिटा होने के बावजुद 23000—28000 बोनस किसी भी हालत में स्वीकार नही किया जायेगा। प्रोडक्शन रीलेटेड पे को हर हालत में लागू करना होगा । प्रोडक्शन रीलेटेड पे कर्मचारियों का अधिकार है और बीएकेएस कर्मचारी हित में इसको लेकर रहेगा।

फिक्स एमाउंट स्वीकार नहीं
श्री सिंह ने कहा कि उनके द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों एवं हितों के लिए आंदोलन किया जा रहा है ऐसे में मैनेजमेंट को मांगों को पूर्ण करना चाहिए बोनस का फिक्सेशन प्रोडक्शन के आधार पर 30% एविता के आधार पर अथवा एनसीआर के आधार पर किया जाना चाहिए कर्मचारियों के हित में प्रोडक्शन प्रॉफिट फार्मूला सर्वाधिक बेहतर है। लेकिन केवल एक फिक्स एमाउंट कभी भी स्वीकार नहीं किया जाएगा 3 साल से मैनेजमेंट के द्वारा केवल फिक्स अमाउंट बोनस के रूप में दिया जा रहा है उन्होंने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रॉफिट हो या लॉस हो दोनों ही स्थिति में कर्मचारियों को ही नुकसान हो रहा है। लॉस के दौरान तो कोई विषय ही नहीं है परंतु प्रॉफिट होने की स्थिति में कर्मचारियों को कभी बेनिफिट नहीं मिलता है।

एनजेसीएस में लीड करने वाले सदस्य बदले जाएं
उन्होंने एनजेसीएस के संबंध में कहा कि 25 सदस्य है परंतु केवल पांच नेताओं के हस्ताक्षर से ही कोई भी फार्मूला लागू नहीं किया जा सकता है पिछले 48 सालों से यह कमेटी कार्य कर रही है इसका क्या प्रमाण है किस अधिकार से केवल पांच लोग सभी कर्मचारियों का भविष्य तय कर रहे हैं जो यूनियन किसी भी प्लांट में मान्यता प्राप्त नहीं है उसके सदस्य एनजेसीएस कमेटी में किस आधार पर लीड कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कोई कमेटी गलत नहीं होती है गलत उसमें शामिल सदस्य होता है उनकी गलती का ही परिणाम सभी संबंधितों को भुगतना पड़ता है। इसलिए एनजेसीएस कमेटी को बदल जाना जरूरी है। एनजेसीएस कमेटी में वर्किंग वर्कर ही होने चाहिए। जो रिटायर हो चुके हैं उनका कमेटी में कोई काम नहीं है जो कर्मचारी प्रोडक्शन कर सकता है वह अपने हक के लिए फैसला भी कर सकता है।
हड़ताल के लिए मजबूर कर रहा है मैनेजमेंट
अध्यक्ष अमर सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि बोनस वितरण को लेकर मैनेजमेंट का निर्णय उनके पक्ष में नहीं हुआ तो यूनियन के द्वारा हड़ताल भी की जा सकती है। मैनेजमेंट कर्मचारियों का लगातार अहित करके उसे हड़ताल के लिए मजबूर कर रहा है।

