सीजी न्यूज ऑनलाइन 24 सितंबर। छत्तीसगढ़ कोल घोटाले एवं महादेव ऑनलाइन सट्टा एप में राजनीति गरमा गई गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया को एक पत्र लिखा है। इस लेटर में उन्होंने IPS अधिकारी अमरेश मिश्रा का उल्लेख किया है। अमरेश मिश्रा छत्तीसगढ़ के कई जिलों के एसपी रह चुके हैं विशेष कर पूर्व मुख्यमंत्री के जिला दुर्ग में भी वे पुलिस कप्तान रह चुके हैं। मिश्रा की गिनती सख्त एवं तेज तर्रार अधिकारियों में होती है।
चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया को लिखे पत्र में भूपेश बघेल ने एक आईपीएस अधिकारी पर साजिश लगाने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने एसीबी/ईओडब्ल्यू के निदेशक आईपीएस अमरेश कुमार मिश्रा का भी उल्लेख किया है। अमरेश मिश्रा की गिनती छत्तीसगढ़ के तेज तर्रार अधिकारियों में होती है। भूपेश बघेल के लेटर में अमरेश कुमार मिश्रा का नाम आने से एक बार फिर से वह चर्चा में आ गए हैं।
क्या लिखा था पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने
आपको बता दें कि 21 सितंबर को छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को एक लेटर लिखा। इस लेटर में उन्होंने कहा कि कोयला परिवहन घोटाले में जेल में बंद आरोपी सूर्यकांत तिवारी पर एसीबी/ईओडब्ल्यू के निदेशक आईपीएस अमरेश कुमार मिश्रा ने मेरा नाम लेने का प्रेशर बनाया है। मुझे झूठे केस में फंसाने की साजिश की जा रही है।
जाने कौन है IPS अमरेश कुमार मिश्रा
अमरेश कुमार मिश्रा मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। वह 2005 के छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। 2005 बैच के अमरेश मिश्रा बेहद सख्त पुलिस अधिकारी हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में एसपी की जिम्मेदारी निभा चुके अमरेश मिश्रा का माफिया और अपराधियों के बीच खौफ भी नजर आता है।
वे मूलतः बिहार के बक्सर के रहने वाले हैं। उनका जन्म 7 फरवरी 1980 को हुआ। अमरेश मिश्रा की स्कूलिंग बक्सर से ही हुई। आईआईटी धनबाद से उन्होंने 2003 में पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी में बीटेक की डिग्री ली। अमरेश मिश्रा ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी का एग्जाम क्लियर किया। उन्होंने आक्सफोर्ड और हार्वर्ड से मास्टर डिग्री हासिल की है। वह एनआईए में डेपुटेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

