बीएसपी प्रबंधन के बोनस फार्मूले के खिलाफ संयुक्त ट्रेड यूनियन का बोरिया गेट में जंगी प्रदर्शन, 39 माह के एरियर भुगतान की उठी मांग, आरआईएनएल प्लांट के निजीकरण का हुआ खुलकर विरोध

बीएसपी प्रबंधन के बोनस फार्मूले के खिलाफ संयुक्त ट्रेड यूनियन का बोरिया गेट में जंगी प्रदर्शन, 39 माह के एरियर भुगतान की उठी मांग, आरआईएनएल प्लांट के निजीकरण का हुआ खुलकर विरोध


भिलाई नगर 19 सितंबर । सेल कर्मचारियों के 39 महीने के एरियर एवं बोनस फार्मूले में परिवर्तन कर बेहतर बोनस देने व आरआईएनएल का विनिवेश के नाम पर निजीकरण रोकने की मांग को लेकर संयुक्त ट्रेड यूनियन ने आज बोरिया गेट में प्रदर्शन किया। श्रमिकों के शोषण, ठेका प्रथा को बढ़ावा देने पर केंद्र सरकार एवं प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस प्रदर्शन में बीएएमएस, इंटक, सीटू , एटक, एचएमएस, एक्टू लोईमू एवं इस्पात श्रमिक मंच शामिल होंगे।
प्रदर्शन में शामिल बीएएमएस के महामंत्री चन्ना केशवलू ने कहा कि प्रबंधन का श्रमिकों के खिलाफ हिटलर शाही रवैया जारी है यह जंगी प्रदर्शन बीएसपी कर्मचारियों को उचित बोनस प्राप्त हो सके इस कारण से किया जा रहा है।


इंटर के महासचिव वंश बहादुर सिंह ने कहा कि वेज रिवीजन 39 माह का एरियर वेतन समझौता होने के बाद भी प्रबंधन के द्वारा भुगतान नहीं किया गया है इसके अलावा जो बोनस फार्मूला प्रबंधन के द्वारा अपनाया गया है उसके खिलाफ यह प्रदर्शन किया गया है। यूनियन को प्रबंधन का बोनस फार्मूला कतई स्वीकार नहीं है। आरआईएनएल के निजीकरण के खिलाफ भी प्रदर्शन किया गया।
सीटू उपाध्यक्ष रेड्डी ने कहा कि आज का प्रदर्शन प्रबंधन की बोनस नीति के विरोध में किया गया है प्रबंधन का बोनस फार्मूला यूनियन को स्वीकार नहीं है।
एटक के महासचिव विनोद सोनी ने कहा कि आज का प्रदर्शन आरआईएनएल प्लांट को अडानी को बेचने के खिलाफ किया गया है विगत 1300 दिनों से हमारे श्रमिक भाइयों का प्रदर्शन जारी है जिनके हम अभिनंदन करते हैं। आज के प्रदर्शन में संयुक्त ट्रेड यूनियन के द्वारा समर्थन किया गया है। केंद्र सरकार की इस श्रमिक विरोधी नीति की भत्सर्ना करते हैं। षडयंत्र पूर्वक दो ब्लास्ट फर्नेस को बंद कर दिया गया है।


एचएमएस के महासचिव प्रमोद मिश्रा ने कहा कि प्रबंधन के द्वारा श्रमिकों के अधिकारों को छिनने का प्रयास किया जा रहा है। प्रबंधन एवं सरकार मिलकर श्रमिकों का शोषण कर रहे हैं। तथा ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दे रहे हैं।