सेंट थॉमस कॉलेज मनोविज्ञान विभाग ने राष्ट्रीय परामर्श दिवस मनाया, महिला थाना काउंसलर थी मुख्य वक्ता

सेंट थॉमस कॉलेज मनोविज्ञान विभाग ने राष्ट्रीय परामर्श दिवस मनाया, महिला थाना काउंसलर थी मुख्य वक्ता


भिलाई नगर 21 अगस्त। सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई के पी.जी. मनोविज्ञान विभाग ने साइकोमेट्रिशियन के तत्वावधान में राष्ट्रीय परामर्श दिवस के अवसर पर “परामर्श की तकनीक” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। यह सत्र बहुत ही रोचक था, जिसमें विभिन्न सैद्धांतिक दृष्टिकोणों और निजी अभ्यास शुरू करने के व्यावहारिक ज्ञान पर प्रशिक्षण केंद्रित था। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य विभिन्न मनोवैज्ञानिक मामलों में उपयोग की जाने वाली तकनीकों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।


इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती ज्योति पुरंग थीं, जो महिला थाना भिलाई की एक काउंसलर है। उन्होंने छात्रों को भारत में परामर्श के निदान, लागू हस्तक्षेप और भविष्य के परिदृश्य के बारे में भी बताया। छात्रों ने परामर्श प्रक्रिया में आने वाले प्रतिरोध को हल करने और विभिन्न निर्देशात्मक, गैर-निर्देशात्मक और समन्वित परामर्श तकनीकों के माध्यम से फलदायी व्यवहार परिवर्तन प्राप्त करने के तरीकों के बारे में सीखा।
कॉलेज के प्रशासक रेव. फादर डॉ. रेजी. वर्गीस ने कार्यक्रम की सराहना की। प्रधानाचार्य डॉ. एम.जी. रॉयमोन हमेशा छात्रों के लिए अनुभवात्मक शिक्षण प्रक्रियाओं को बढ़ावा देते हैं और मानते हैं कि किसी भी क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त करने के लिए मुख्य शिक्षा व्यावहारिक अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के माध्यम से होती है। विभागाध्यक्ष डॉ. देबजानी मुखर्जी ने इस अवसर पर बोलते हुए छात्रों को विभिन्न उपचारों के ज्ञान और अनुभवी वक्ताओं से ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
सहायक प्रोफेसर डॉ. सुमिता सिंह ने सभा का स्वागत किया और डॉ. अंकिता देशमुख ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तावित किया। कार्यक्रम का आयोजन मिस श्रेया ने किया और इसे सुचारू रूप से संपन्न करने में सहायता की। सत्र का संचालन सुश्री मानसी साहू ने किया।