भिलाई नगर 19 अगस्त । भिलाई श्रमिक सभा एचएमएस यूनियन द्वारा असिस्टेंट लेबर कमिश्नर (केंद्रीय) रायपुर के समक्ष लगाए गए परिवाद RP9(84)/2023 में यूनियन ने एलटीसी एवं एलटीए के मद में कर्मचारियों ने सब ब्लॉक ईयर 2021-2023 के लिए जो राशि आहरित की थी, प्रबंधन ने नवंबर 2022 से जनवरी 2023 के बीच इस राशि की पूरी रिकवरी कर ली थी परिवाद में यूनियन ने इस कटौती को गलत ठहराया। यूनियन का पक्ष था कि सब ब्लॉक ईयर 2019- 2021 को यदि मान्य कर भी लिया जाए तो अप्रैल 2021 से 17 नवंबर 2021 के बीच का एलटीसी एवं एल टी ए का नगदीकरण का पैसा कैसे रिकवर कर लिया गया यह गैरकानूनी है क्योंकि सब ब्लॉक ईयर समाप्त होने के दो माह पूर्व ही रिकवरी की गई है इसकी जानकारी पूर्व में कर्मचारियों को नहीं दी गई, जो आईडी एक्ट की धारा 9A का उल्लंघन है।
प्रबंधन ने जवाब में तर्क दिया कि जब 18 नवंबर 2021 से वेरिएबल पर्क लागू हो गया तब कर्मचारियों को एलटीसी /एलटीए लेकर यात्रा करनी थी तथा टिकट दिखाकर इनकम टैक्स में छूट प्राप्त करनी थी, हमें कॉरपोरेट ऑफिस से रिकवरी करने का आदेश मिला है।
यूनियन ने तर्क दिया कि यदि किसी प्रकार की रिकवरी करनी थी तो उसके पूर्व यूनियन से चर्चा करनी थी एवं तीन तर्क प्रस्तुत किया।
1- जब सब ब्लॉक किया समाप्त होने के दो माह पूर्व रिकवरी की जानकारी दी जाएगी तो कर्मचारी 2 माह के बीच में एलटीसी/एलटीए कैसे ले सकेंगे जबकि पर्क का बास्केट भी अगस्त 2022 में लाया गया उस समय भी रिकवरी की जानकारी नहीं दी गई जो तर्कसंगत नहीं है।
2- यूनियन ने कहा कि हमें एलटीसी/एलटीए का नगदी कारण मिलता रहा है जो हमारे फिक्स पर्क का हिस्सा है एक तो रिकवरी करना गलत है दूसरा यदि रिकवरी की भी गई तो कर्मचारियों का 1 अप्रैल 2021 से 17 नवंबर 2021 तक का फिक्स पर्क का भाग क्यों रिकवरी किया गया तथा जिन कर्मचारियों ने एलटीसी/ एलटीए नगदीकरण नहीं किया उन्हें भी 1 अप्रैल 2021 से 17 नवंबर 2021 तक का एलटीसी/एलटीए नगदीकरण का हिस्सा दिया जाना था।
3- जिन कर्मचारियों ने एलटीसी/एलटीए नगदीकरण कराया था उन कर्मचारियों ने तीन दिन की छुट्टी ली थी उन्हें उनकी छुट्टी वापस करनी थी लेकिन प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया।
दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात कॉन्सिलेशन ऑफिसर सहायक श्रमायुक्त (केंद्रीय) रायपुर ने बताया कि इस संबंध में कई बैठकें हो चुकी है, दोनों पक्ष अपनी अपनी मांग पर अडिग है अतः एफ ओ सी किया जाना उचित होगा इस पर दोनों पक्षों में सहमति प्रदान की। अब यह मामला सेंट्रल लेबर कमिश्नर के माध्यम से अंडर सेक्रेटरी (श्रम मंत्रालय) द्वारा सेंट्रल गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल कम लेबर कोर्ट जबलपुर में भेजा जाएगा, आगे की सुनवाई न्यायालय में होगी। परिवाद की सुनवाई के समय यूनियन की ओर से यूनियन के अध्यक्ष हरीराम यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आदित्य माथुर, महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र तथा प्रबंधन की ओर से महाप्रबंधक नियमन अनुराधा सिंह एवं सहायक महाप्रबंधक तुषार राय चौधरी उपस्थित थे।
एलटीसी,एलटीए की राशि देने के बाद प्रबंधन द्वारा रिकवरी करना गैरकानूनी, यूनियन ने शुरू की न्यायालीन लड़ाई

