सीजी सीजी न्यूज ऑनलाइन, 07 अगस्त। जिले की पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 10 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले चिटफंड कंपनी “करियर ड्रीम एजुकेशनल एकेडमी” के मुख्य निदेशक अरुण वर्मा को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अरुण वर्मा पिछले 6 सालों से फरार था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। वह डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सागर, और इंदौर सहित कई स्थानों पर छुपकर रह रहा था।
बिलासपुर जिले में 7 और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 1, कुल 8 मामलों में आरोपी अरुण वर्मा को पकड़ने के लिए बिलासपुर पुलिस द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में यह टीम आरोपी की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। तकनीकी विश्लेषण और लगातार प्राप्त हो रही सूचनाओं के आधार पर पता चला कि अरुण वर्मा वर्तमान में अलवर, राजस्थान में रह रहा है और उसका परिवार भोपाल में है।
आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम को भोपाल भेजा गया। भोपाल पहुंचने पर जानकारी मिली कि आरोपी इंदौर चला गया है। टीम ने इंदौर से वापस आने का इंतजार किया और आखिरकार उसे भोपाल के आयकर कॉलोनी में स्थित उसके किराए के मकान से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी अरुण वर्मा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि अपराध दर्ज होने के बाद वह अपने परिवार के साथ अलग-अलग स्थानों पर छुपता रहा। उसके साथियों प्रदीप चंद्राकर और सतानंद चंद्राकर के विरुद्ध पहले ही कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है। आरोपी के विरुद्ध बिलासपुर जिले में दर्ज सभी 7 प्रकरणों में न्यायालय द्वारा स्थाई वारंट जारी किया गया है। उसके खिलाफ सन् 2019 में बिलाईगढ़ थाने में किरन साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि अरुण वर्मा ने एलोवेरा की खेती के नाम पर महिला समूह और ग्रामीणों से 8 करोड़ रुपये की ठगी की। सरकंडा थाने में सन् 2018 में डॉक्टर संजय बंजारे, विजेंद्र कुमार खांडेकर, और डॉक्टर व्यास नारायण कश्यप ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि अरुण वर्मा ने निवेश पर अच्छा लाभ दिलाने का झांसा देकर 39 लाख, 6.96 लाख, और 1.50 लाख रुपये की ठगी की। सिविल लाइन थाने में सन् 2019 में अभय राव फांसे ने 15.50 लाख रुपये की ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। कोतवाली थाने में सन् 2018 में चंद्र मनी सिंह ठाकुर, राजेश कुमार राठौर, और अजय कुमार ध्रुव ने निवेश पर लाभ दिलाने का झांसा देकर क्रमशः 3 लाख, 2 लाख, और 2 लाख रुपये की ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि चिटफंड प्रकरणों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और उनकी संपत्तियों की कुर्की की दिशा में कार्रवाई जारी रहेगी। अन्य आरोपियों को भी पकड़ने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

