*प्रदेश की प्रतिभाओं का पलायन का प्रमुख कारण श्रेष्ठ इंफ्रास्ट्रक्चर , सुख सुविधा एवं सुरक्षा, ब्रेन ड्रेन को रोकने उठाने होंगे कारगर कदम, प्रोफेशनल कांग्रेस के सेमिनार में हुआ मंथन*

*प्रदेश की प्रतिभाओं का पलायन का प्रमुख कारण श्रेष्ठ इंफ्रास्ट्रक्चर , सुख सुविधा एवं सुरक्षा, ब्रेन ड्रेन को रोकने उठाने होंगे कारगर कदम, प्रोफेशनल कांग्रेस के सेमिनार में हुआ मंथन*


प्रदेश की प्रतिभाओं का पलायन का प्रमुख कारण श्रेष्ठ इंफ्रास्ट्रक्चर , सुख सुविधा एवं सुरक्षा, ब्रेन ड्रेन को रोकने उठाने होंगे कारगर कदम, प्रोफेशनल कांग्रेस के सेमिनार में हुआ मंथन

भिलाईनगर 5 मार्च प्रदेश से पलायन कर रही प्रतिभाएं एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा है । युवा दूसरे देशों की तरफ रुख कर रहे हैं । जिसका प्रमुख कारण इन्फ्रास्टक्चर, सुख सुविधा एवं सुरक्षा है। वहीं ब्रेन ड्रेन को रोकने कारगर कदम उठाने होंगे.  यह बातें वक्ताओं ने शनिवार को होटल  सेंट्रल पार्क में हुए आल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रतिभा पलायन परिचर्चा में कही।

वक्ताओं ने कहा कि छग की संस्कृति प्रदेश के लोगों का विकास कर सकती है. वहीं छग प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है उसमें और क्या बेहतर हो, इस पर रिसर्च टीम ने अपनी बातें भी रखी। इस मौके पर बड़ी संख्या में भिलाई के शिक्षाविद सहित स्टूडेंट्स भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के मुख्यअतिथि भिलाई निगम महापौर नीरज पाल थे. साथ ही प्रमुख रूप से भिलाई शहर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, शिक्षाविद तथा श्री गंगाजली एजुकेशन सोसायटी के चेयरमैन आईपी मिश्रा, स्पर्श हॉस्पिटल के प्रमुख डॉ. एपी सावंत, बीएसपी के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर वीके अरोरा तथा एआईपीसी के स्टेट प्रेसीडेंट क्षीतिज चंद्राकर उपस्थित थे। स्वागत भाषण एआईपीसी चैप्टर भिलाई के प्रेसीडेंट राकेश मिश्रा ने दिया।

महापौर नीरज पाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि शहर में तेजी से  विकास हो रहा है. छग सरकार की मंशा के अनुसार जनकल्याणकारी  योजनाएं भी चलाई जा रही है. शिक्षाविद आईपी मिश्रा ने कहा कि आज प्रदेश के छात्र पलायन कर बाहर पढ़ने जा रहे हैं, यह चिंता की बात है. हमें इस पलायन को रोकना होगा. उन्होंने कहा कि  हम ऐसा माहौल क्रिएट करें कि यहां के बच्चोंं को पढ़ने या जॉब करने के लिए बाहर जाना न पड़े.   डॉ. सावंत ने अपने उद्बोधन में कहा कि यूनिवर्सल एजुकेशन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. शायद हम वो चीजें नहीं दे पा रहे हैं जो हमें देना चाहिए, इसलिए प्रतिभाएं आज पलायन कर रही है. उन्होंने प्रदेश की खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना की प्रशंसा की।

बीएसपी के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर वीके अरोरा ने भिलाई में आई औद्योगिक क्रांति के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि उद्योग क्षेत्र में और अधिक विस्तार की आवश्यकता है.  उन्होंने कहा कि प्रदेश में रिसोर्स प्रचुर मात्रा में है लेकिन उसका समुचित दोहन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि माइनिंग क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं हैं वर्तमान परिस्थितियों में 5 -5 मिलियन टन के दो उद्योग लगाए जा सकते हैं। एक प्लांट में कम से कम 30000 युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा इसी प्रकार से को लेकर क्षेत्र में भी दूरगामी सोच के साथ पावर जनरेशन की दिशा में प्रयास करने होंगे उन्होंने सुझाव दिया कि कोयला खान के समीप ही बिजली का उत्पादन किया जाना चाहिए जिससे प्रोडक्शन कास्ट भी कम होगी और ट्रांसपोर्टेशन में लगने वाले समय भी बचेगा काकी कृषि के क्षेत्र में भी प्रदेश में उद्योग लगाए जा सकते हैं वर्तमान समय में कृषि की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संबंधित उपकरणों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अन्य राज्य पर निर्भरता प्रदेश की बनी हुई है । यदि हमारे प्रदेश में हैं कृषि से संबंधित उद्योगों की स्थापना की जाए तो बहुत बड़ा रोजगार का क्षेत्र बन सकता है। इसी तरह पावर क्षेत्र में भी काफी संभावनाएं हैं. आज टेक्नालाजी काफी एडवांस हो गया है, ऐेसे में एग्रीकल्चर के क्षेत्र में एडवांस टेक्नालाजी अपनाई जानी चाहिए । इस सेमिनार के दौरान एक खुला सत्र भी हुआ, जिसमें लोगों ने काफी प्रश्न पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान भी किया।

कार्यक्रम का संचालन रोशन रिजवी ने किया. इस मौके पर निगम के एमआईसी मेंबर संदीप निरंकारी, सीजू एंथोनी, उपसभापति इंजी. सलमान, कामर्स गुरू संतोष राय, स्वरूपानंद कालेज की प्राचार्य हंसा शुक्ला सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद उपस्थित थे।