दुर्ग 22 जुलाई। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण शिवनाथ नदी में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है महमरा एनीकट से लगभग 8 फीट ऊपर पानी बह रहा है। मोगरा जलाशय से 30000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। शिवनाथ नदी के कैचमेंट एरिया से भी पानी की अच्छी आवक बनी हुई है। दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी से लगे करीब एक दर्जन गांवों को अलर्ट कर दिया गया है।
दुर्ग जिले में लगातार पिछले तीन दिनों से अच्छी बारिश हो रही है इसके अलावा मोगरा जलाशय से अभी भी 30000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जिसके कारण शिवनाथ नदी में पानी की आवक बनी हुई है। महमरा एनीकट से पानी 8 फीट ऊपर तेज बहाव के के साथ बह रहा है।

जल संसाधन विभाग के कार्यपालिका यंत्री सुरेश पांडे ने बताया कि शिवनाथ नदी में आसपास के नदी नालों से भी अत्यधिक पानी आ रहा है जिसके कारण रात में नदी का जलस्तर और भी अधिक बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यदि 10 फीट के ऊपर पानी बहता है तो शिवनाथ नदी में बाढ़ आने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए नदी के आसपास के करीब एक दर्जन गांवों को अलर्ट पर रखा गया है। सभी ग्रामीणों को नदी से दूर रहने की सलाह दी गई है साथ ही अपने-अपने मवेशियों को घर पर ही रखना कहा गया है।
महमरा एनीकट के खोले गए 10 गेट
कार्यपालन अभियंता सुरेश पांडे ने बताया कि शिवनाथ नदी के बढ़ते जल स्तर के कारण महमरा एनीकट के 10 गेट खोल दिए गए हैं। शिवनाथ नदी में लगातार पानी की आवक बनी हुई है। रात में अच्छी बारिश होने की संभावना है। जिसके कारण नदी का जल स्तर बढ़ेगा।
एसडीआरएफ की टीम तैनात
एसडीआरएफ दुर्ग के प्रभारी एवं सेनानी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शिवनाथ नदी में बाढ़ के खतरे को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम किनारे पर तैनात कर दी गई है। महमरा एनीकट के बड़े हुए जल स्तर को देखने के लिए लगातार भीड़ पहुंच रही है। इसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के दृष्टिकोण से एसडीआरएफ की टीम को तैनात किया गया है। नदी के समीप जाने से लोगों को रोका जा रहा है एवं नदी तट से दूर रहने की ही सलाह दी जा रही है। नदी किनारे बसे करीब एक दर्शन से ज्यादा गांव को मुनादी करा कर बाढ़ के खतरे की चेतावनी भी दी गई है।

