*पूर्व राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी की पत्नी की मौत के 7 साल बाद हत्या का मामला दर्ज, पूर्व जांच में लापरवाही, तत्कालीन विवेचना अधिकारी के खिलाफ होगी विभागीय जांच*

*पूर्व राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी की पत्नी की मौत के 7 साल बाद हत्या का मामला दर्ज, पूर्व जांच में लापरवाही, तत्कालीन विवेचना अधिकारी के खिलाफ होगी विभागीय जांच*


पूर्व राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी की पत्नी की मौत के 7 साल बाद हत्या का मामला दर्ज, पूर्व जांच में लापरवाही, तत्कालीन विवेचना अधिकारी के खिलाफ होगी विभागीय जांच 

भिलाई नगर 8 मार्च । पूर्व रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी गोपाल राव की पत्नी की मौत के 7 साल बाद नेवाई पुलिस के द्वारा हत्या का मामला दर्ज कर नए सिरे से जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में पुलिस महा निरीक्षक ओपी पॉल ने कहा है कि जांच के दौरान की गई लापरवाही के कारण तत्कालीन विवेचना अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी।

गौरतलब हो कि पूर्व राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी एवं रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी गोपाल राव की पत्नी की घर पर ही जनवरी 2015 में मौत हुई थी। जांच के पश्चात मर्ग कायम कर फाइल को बंद कर दिया गया था । जिसमें मौत से संबंधित कारणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं था।

जिला लोक अभियोजक की रिपोर्ट पर शुरू हुई जांच

इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग ओपी पॉल ने कहा कि किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा इस मामले में शिकायत की गई थी इस शिकायत पर डीपीओ अभिमत मांगा गया था इस पर से उनके द्वारा पूरे मामले की जांच के पश्चात विवेचना के दौरान की गई खामियों का उल्लेख किया गया और उनके द्वारा अभिमत दिया गया कि इस मामले में नए सिरे से जांच की जानी चाहिए पूरा मामला ही संदिग्ध है इस पर से कल रात को अपराध क्रमांक 90/2022 के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भादवि की धारा 302  हत्या का अपराध पंजीबद्ध कर नए सिरे से जांच शुरू कर दी गई है।

मृतका श्रीमती कनक विजया लक्ष्मी राव पति गोपाल राव 52 वर्ष निवासी क्वार्टर नंबर 139 सड़क मैत्री कुंज गांधीनगर  जनवरी 2015 में घर पर ही मृत अवस्था में पड़ी थी । सूचना पर से नेवाई पुलिस के द्वारा मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई जांच के पश्चात 2016 में फाइल को बंद कर दिया गया था।

पूर्व जांच में कई खामियां पाई गई

पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि वर्ष 2015 में जांच कायम कर वर्ष 2016 में फाइल को बंद कर दिया गया था। परंतु इस मामले में जिला लोक अभियोजक के द्वारा जांच के दौरान कई खामियां पाई गई है । पूर्व में जांच अधिकारी के द्वारा फिंगरप्रिंट तक नहीं लिए गए हैं ।  रात में घर पर महिला का शव पाया जाना है अपने आप में संदिग्ध परिस्थितियों को जन्म देता है। शव आंगन में पड़ा हुआ था। साथ ही जांच के दौरान कई कमियां भी पाई गई है । पूर्व में सामान्य मामला मानकर जांच की गई थी । परंतु अब अपराध पंजीबद्ध कर पूरे मामले को अपराध के दृष्टिकोण से पुनः जांच में लिया गया।

तत्कालीन विवेचना अधिकारी के खिलाफ होगी विभागीय जांच

पुलिस महा निरीक्षक ओपी पाल ने कहा है कि इस पूरे मामले में घोर लापरवाही विवेचक अधिकारी के द्वारा बरती गई है । इसे ध्यान में रखते हुए तत्कालीन विवेचना अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए जाएंगे।