*मुख्यमंत्री भूपेश और विधायक देवेंद्र अपनी 10 करोड़ की जमीन ढाई करोड़ में बेचेंगे…? हाउसिंग बोर्ड की जमीन ही क्यों-मेहरबान सिंह, (आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस नेता की जमीन के सामने टेंट लगा दिया धरना)*

*मुख्यमंत्री भूपेश और विधायक देवेंद्र अपनी 10 करोड़ की जमीन ढाई करोड़ में बेचेंगे…? हाउसिंग बोर्ड की जमीन ही क्यों-मेहरबान सिंह, (आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस नेता की जमीन के सामने टेंट लगा दिया धरना)*


मुख्यमंत्री भूपेश और विधायक देवेंद्र अपनी 10 करोड़ की जमीन ढाई करोड़ में बेचेंगे…? हाउसिंग बोर्ड की जमीन ही क्यों-मेहरबान सिंह, (आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस नेता की जमीन के सामने टेंट लगा दिया धरना) 

भिलाई नगर, 9 मार्च। कांग्रेस नेता धर्मेंद्र यादव द्वारा हाउसिंग बोर्ड की प्राइम लोकेशन पर स्थित 15 हजार 171 वर्गफीट जमीन को आफर मूल्य पर 2 करोड़ 52 लाख रूपये में खरीदने का मुद्दा होली पूर्व ही अब राजनीतिक रंग से सराबोर हो चला है। आज इस जमीन के सामने आम आदमी पार्टी के सैकड़ों लोग धरना पर बैठ गए हैं। इस दौरान आप नेताओं ने लोगों को पाम्पलेट बाँट सवाल दागा है कि क्या मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधायक देवेंद्र यादव अपनी 10 करोड़ की जमीन ढाई करोड़ में बेचेंगे? 

आप के अध्यक्ष मेहरबान सिंह ने धरना को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस जमीन को बेचने की प्रक्रिया शुरू होने से आबंटन का कार्य धर्मेंद्र यादव के घर पर किया गया। हाउसिंग बोर्ड को प्राइम लोकेशन की यह जमीन जल्द बेचने की जरूरत क्यों पडी़। विधायक के भाई धर्मेंद्र का आफर हाउसिंग बोर्ड को 2 नवंबर 2021 को प्राप्त हुआ और उसी दिन आफर दाता के समक्ष खोल दिया गया है। 8 नवंबर को आफरदाता का मूल्य स्वीकृत किया गया जिसमें धर्मेंद्र को 2 माह के अंदर धरोहर राशि जमा करने पत्र जारी किया गया जिसे श्री यादव ने 12 नवंबर को प्राप्त किया लेकिन लोन प्राप्ति के लिए एनओसी 8 नवंबर को ही जारी कर दी गई। 12 नवंबर को ही धर्मेंद्र यादव ने विभाग को पत्र लिखकर अपने नाम के साथ भूखंड स्वामी में अपने भाई देवेंद्र यादव की पत्नी श्रुतिका ताम्रकार यादव का नाम जोड़ने का आग्रह किया और विभाग ने नाम जोड़ भी दिया।  3 दिसंबर को समस्त राशि जमा कर आधिपत्य पत्र भी जारी कर दिया गया लेकिन लीज निष्पादित करने की तारीख का कालम पत्र में खाली रखा गया है।

14 दिसंबर को हाउसिंग बोर्ड ने इस जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी। सभा को सम्बोधित कर रहे आम आदमी पार्टी के नेताओं ने बताया की सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेज में मिलीभगत से करोडो़ की जमीन कौडियों मे हड़पने का यह गोरख गणित उजागर हुआ है, इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता सार्वजनिक माफी की मांग कर रहे हैं, हम उन्हें न्यायालय में ही जवाब देंगे और इस जमीन के आबंटन को रद्द करवा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री क्या अपनी 10 करोड़ की जमीन ढाई करोड़ में बेचेंगे, हाउसिंग बोर्ड को यह जमीन वर्षों बाद बेचने की आवश्यकता महसूस हुई और खरीददार भी केवल एक ही? जबकि आस-पास कालीबाडी़ से लेकर इस जमीन पर अवैध कब्जा कर दर्जन भर लोग निर्माण कर व्यवसाय कर रहे उनकी तरफ हाउसिंग बोर्ड ने कभी ध्यान नहीं दिया।