सीजी न्यूज ऑनलाइन डेस्क 06 जुलाई । यस बैंक में खाता खुलवाकर करोड़ों रुपए के लेनदेन के मामले में उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। न्यायालय में अपना जवाब प्रस्तुत करते हुए आयकर विभाग ने बताया कि हमने करोड़ों रुपए के फर्जी लेनदेन के इस मामले में कार्यवाही की है और लिखित रूप में उसका जवाब न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। न्यायालय के निर्देश पर राज्य सरकार के महाधिवक्ता ने शपथ पूर्वक जवाब प्रस्तुत किया। जवाब में शासन की तरफ से यह बताया गया कि अनिमेष सिंह के खाते से किए गए लेनदेन के मामले में यस बैंक, सुपेला भिलाई द्वारा पूर्ण रूप से सहयोग नहीं किया जा रहा है। इसलिए यस बैंक को उनके अधिकारियों के माध्यम से इस मामले का एक पक्षकार बनाया जाना चाहिए। इस मामले में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सतीश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने अपना आश्चर्य व्यक्त किया कि एक प्राइवेट बैंक शासन और पुलिस के अधिकारियों को सहयोग नहीं कर रहा हो और न्यायालय में आकर इस प्रकार का कथन किया जाना सरकार की इस मामले में स्थिति को प्रदर्शित करता है। सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष भी बताया गया। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट कह दिया है कि यस बैंक को भी इस मामले में तुरंत पक्षकार बनाकर उन्हें नोटिस जारी किया जाए। सतीश त्रिपाठी ने बताया कि यस बैंक को नोटिस जारी कर दी गई है और 5 अगस्त 2024 को अगली सुनवाई की तारीख न्यायालय द्वारा निश्चित कर दी गई है। प्रथम दृष्टया ही यह हवाला का मामला दिख रहा है जिसमें अब सुपेला स्थित यस बैंक को पहले अपना जवाब तथ्यपूर्ण तरीके से प्रस्तुत करना होगा। याचिकाकर्ता प्रभुनाथ मिश्रा ने बताया है कि उन्हें न्यायालय और अपने अधिवक्ता द्वय पर पूरा भरोसा है। न्यायालय मे जिस प्रकार से सुनवाई चल रही है इससे अब न्याय के प्रति विश्वास की आस जाग गई है। एक दो माह में ही निश्चित रूप से कुछ बड़ा निर्णय हो जाएगा। सारे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। पूरे मामले में यस बैंक और पुलिस अधिकारियों की मिली भगत न्यायालय के सामने स्पष्ट हो गई है जो कि सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश के समक्ष उजागर हो गई है। अगस्त माह तक यस बैंक के जवाब से सारे प्रकरण के स्पष्ट होते ही न्यायालय के आदेश की संभावना है।

