सीजी न्यूज आनलाईन, 06 जुलाई। भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। आपको बता दें कि पूर्व भाजपा विधायक और विधानसभा अध्यक्ष रहे प्रेम प्रकाश पांडेय की चुनावी याचिका को हाईकोर्ट ने एक्सेप्ट कर लिया है। श्री पांडेय द्वारा देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका को कोर्ट ने सुनवाई योग्य मानते हुए स्वीकार कर लिया है। दूसरी तरफ आपको यह भी बता दें कि भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने इस याचिका पर सुनवाई नहीं करने के लिए आवेदन भी लगाया था जिसे अस्वीकार करते हुए प्रेम प्रकाश पाण्डेय की याचिका एक्सेप्ट कर ली गई है। मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी।
गौरतलब हो कि इस मामले में दाखिल याचिका में देवेंद्र पर चुनाव के दौरान गलत जानकारी देते हुए चुनाव में भाग लेने का आरोप लगा है। देवेन्द्र पर अपना आपराधिक रिकॉर्ड छुपाने का भी आरोप है। 2023 के विधानसभा चुनाव में भिलाई विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय को प्रत्याशी बनाया था जबकि कांग्रेस से देवेंद्र यादव उम्मीदवार घोषित किए गए थे। चुनाव परिणाम आया तो कांग्रेस के देवेंद्र यादव ने भाजपा के प्रेम प्रकाश पांडेय को एक हजार से अधिक मतों से हरा दिया था। देवेंद्र यादव की विधायकी को चुनौती देते हुए प्रेम प्रकाश पांडेय ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की जिसमें देवेंद्र यादव पर नामांकन पत्र में आपराधिक केस और संपत्ति की गलत जानकारी दिए जाने का आरोप लगाया गया है। याचिका में कहा गया है देवेंद्र यादव ने लोक प्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन किया है। श्री पांडेय द्वारा दाखिल इस याचिका में बताया गया है कि चुनाव आयोग प्रत्येक प्रत्याशी से शपथपत्र में आपराधिक और संपत्ति संबंधी मामलों की जानकारी मांगता है लेकिन आयोग से जानकारी छिपाना प्रावधानों का उल्लंघन है। यदि कोई उम्मीदवार इस तरह की जानकारी छिपाता है, तो उसका निर्वाचन शून्य घोषित किया जा सकता है। देवेंद्र यादव ने जनप्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन कर अपनी संपत्ति की जानकारी छिपाई है। आपराधिक केस का भी शपथत्र में जिक्र नहीं किया है। याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि विधायक देवेंद्र ने आयोग के दिशा निर्देश और जनप्रतिनिधित्व कानून का खुला उल्लंघन करते हुए संपत्ति के संबंध में महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया है, उन्होंने साल 2018-2019 में अपनी आय 2 लाख रुपए बताई थी। नामांकन पत्र जमा करते समय प्रस्तुत शपथ पत्र में भी अपनी 2 लाख की आय होना बताया है। इस चुनाव याचिका में जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों को ही प्रमुख आधार बनाया था। यही वजह है कि चुनाव आयोग को पक्षकार नहीं बनाया गया है।
बड़ी खबर 🔵 भिलाई MLA देवेंद्र यादव की बढ़ी मुश्किलें 🛑 निर्वाचन शून्य करने की मांग वाली प्रेम प्रकाश पाण्डेय की याचिका हाई कोर्ट में हुई स्वीकृत 🟢 31 जुलाई को होगी सुनवाई

