सीजी न्यूज ऑनलाइन डेस्क, 30 जून ।छत्तीसगढ़ में इस बार मेयर का चुनाव पार्षद नहीं, बल्कि सीधे जनता करेगी। विष्णु देव साय सरकार, भूपेश बघेल कार्यकाल के दौरान किए गए बदलाव के बाद महापौर चुनने का सीधे जनता को अधिकार देने के लिए नियम का संशोधन करने की तैयारी कर रही है। सरकार के सूत्रों के मुताबिक नियम में संशोधन किया जा सके, इसलिए नगरीय निकाय से प्रस्ताव मांगा गया है।
प्रपोजल में संवैधानिक अड़चने ना आए, इसलिए नगरीय निकाय के अधिकारियों की ओर से विशेषज्ञ से कानूनी सलाह ली गई है। अधिकारी प्रस्ताव बनाकर मंत्रालय भेजेंगे। मंत्रालय से प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जाएगा। कैबिनेट में सहमति मिलने के बाद प्रस्ताव को राजभवन भेजा जाएगा। राजभवन से सहमति मिलेगी तो गजट जारी होगा। इसके बाद महापौर चुनाव प्रत्यक्ष रूप से हो सकेगा।
2018 में कांग्रेस की सरकार आई और भूपेश बघेल सीएम बने, तो उन्होंने नियम में संशोधन किया था। भूपेश कार्यकाल से पहले जनता ही पार्षदों के साथ मेयर को चुनती थी। लेकिन नियम में संशोधन करके तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश ने पार्षद को महापौर चुनने का हक दे दिया। कांग्रेस सरकार में किए गए नियम संशोधन का बीजेपी नेताओं ने विरोध किया था। अब प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद इस नियम को बदलने की तैयारी की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में इस बार पार्षद नहीं, महापौर चुनेगी जनता, सीधे चुनाव कराने नगरीय निकाय बना रहा प्रस्ताव, गवर्नर-कैबिनेट की सहमति के बाद जारी होगा नोटिफिकेशन

