दुर्ग में सरकारी धन से निजी उपयोग हेतु सड़क बनाने का मामला : पीडब्ल्यूडी अफसरो का कारनामा, बनानी थी 245 मीटर, बना दी 600 मीटर लंबी सड़क, खदान एवं क्रेशर संचालकों को पहुंचाया लाभ, जनपद पंचायत सदस्य ने कलेक्टर से की शिकायत

दुर्ग में सरकारी धन से निजी उपयोग हेतु सड़क बनाने का मामला : पीडब्ल्यूडी अफसरो का कारनामा, बनानी थी 245 मीटर, बना दी 600 मीटर लंबी सड़क, खदान एवं क्रेशर संचालकों को पहुंचाया लाभ, जनपद पंचायत सदस्य ने कलेक्टर से की शिकायत


दुर्ग 29 जून । दुर्ग लोक निर्माण विभाग में सड़क निर्माण के नाम पर अफसर के द्वारा बड़ा घोटाला किया गया है। ग्रामीणों की आंखों में धूल झोंककर पीडब्ल्यूडी के अफसरो ने शमशान पहुंच मार्ग के नाम पर निजी खदान व क्रेशर संचालको के लिए 40 फीट चौड़ी आलीशान सीसी रोड का निर्माण कर दिया गया है। इस तरह मिली भगत कर सरकारी खजाने को लाखों रुपए की क्षति पहुंचाई गई।
सड़क का निर्माण चारागाह की जमीन पर किया गया है। लेकिन ना तो संबंधित पंचायतो से अनुमति ली गई है और ना ही पंचायतो ने सड़क निर्माण की मांग की है। पंचायत में सड़क निर्माण का कोई भी प्रस्ताव भी पारित नहीं किया गया था।


मामला पाटन विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सेलूद और चुनकटा का है । यहां दुर्ग पाटन मुख्य मार्ग पर धान संग्रहण केंद्र से पहले चुनकट्टा श्मशान घाट के लिए पहुंच मार्ग बनाया गया है। सड़क का निर्माण सेलूद के शमिलात चारागाह की जमीन पर किया गया है। चुनकटा श्मशान घाट के लिए महज 245 मीटर सड़क की जरूरत थी। मुख्य मार्ग पर 245 मीटर लंबाई का सूचना बोर्ड भी लगाया गया है। लेकिन अफसरो ने खदान संचालकों से सांठगांठ कर श्मशान घाट के बाद भी करीब 350 मीटर लंबी अतिरिक्त आलीशान टू लेन सड़क का निर्माण कर दिया गया है। इस तरह 245 मीटर की जगह करीब 600 मीटर सड़क का निर्माण किया गया है। श्मशान घाट के बाद सेलूद के शामिलात चारागाह की जमीन पर सड़क बनाया गया है। लेकिन आगे खदान वह क्रेशर को छोड़कर कोई भी आबादी अथवा मार्ग नहीं है। सूचना का अधिकार के तहत सेलूद एवं चुनकट्टा दोनों ही ग्राम पंचायत से सड़क निर्माण की अनुमति अथवा प्रस्ताव की जानकारी मांगी गई है। आवेदनकर्ता जनपद सदस्य खिलेश मारकंडे के मुताबिक दोनों ही पंचायत द्वारा दी गई जानकारी में सड़क निर्माण के लिए अनुमति देने से इनकार किया गया है। ऐसे में सवाल यह है कि बिना मांग व प्रस्ताव के सड़क किसके कहने पर बनाया गया है। शामिलात चारागाह की जमीन पर पंचायत की अनुमति भी जरूरी है।


जनपद पंचायत सदस्य खिलेश मारकंडे आरोप लगाया कि खदान वा क्रेशर संचालक को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने के लिए सड़क बनाई गई है। इस सड़क का उपयोग निजी व व्यापारिक रूप से किया जा सके। यह सड़क किसी भी अन्य व्यक्ति के लिए उपयोगी नहीं है। इसलिए यह व्यक्तिगत लाभ के लिए सरकारी पैसे की बर्बादी का मामला है । इस सड़क निर्माण के लिए दोषी सरकारी अफसर से अतिरिक्त खर्च की गई राशि वसूलकर सरकारी खजाने में जमा कराया जाना चाहिए।

संबंधित अधिकारियों से वसूली की मांग

सेलूद छेत्र के जनपद सदस्य खिलेश मारकंडे ने मामले की कलेक्टर से शिकायत की है। उन्होंने मामले की अफसरो व खदान संचालकों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए सरकारी धन की बर्बादी बताया है। खदान एवं क्रशर संचालकों के निजी उपयोग के लिए बनाई गई इस सड़क पर लगी लागत की वसूली दोषी पीडब्ल्यूडी अफसर से करने की मांग जनपद सदस्य खिलेश मारकंडे द्वारा की गई है