दूध, फल और दवा से किया परहेज…..ये हैं 126 वर्ष के “शिवानंद बाबा” आज पद्मश्री से हुए सम्मानित, जानिए इनकी लंबी और फिट जिंदगी का राज
नई दिल्ली, 21 मार्च। आज शिवानंद बाबा को कुछ देर पूर्व मोदी सरकार ने पद्मश्री अवार्ड से नवाजा है। वाराणसी के कबीरनगर इलाके के रहने वाले बाबा शिवानंद की उम्र 126 साल है और वो पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
शिवानंद बाबा ने बताया कि वो फल और दूध नहीं बल्कि सिर्फ उबला हुआ खाना खाते हैं, सुबह तीन बजे उठ बिस्तर छोड़ देते हैं और योग करने मे जुट जाते हैं।

शिवानंद बाबा का कहना है कि सात्विक भोजन से सेहत ठीक रहती है, खाने में सिर्फ सेंधा नमक का ही प्रयोग करते हैं और सुबह योग करना नहीं भूलते। काशी के शिवानंद बाबा को आज पद्मश्री अवार्ड से नवाज गया। आधार कार्ड और पासपोर्ट पर उनकी जन्मतिथि 8 अगस्त 1896 दर्ज है। इस लिहाज से वो दुनिया के सबसे बुजुर्ग इंसान हैं लेकिन गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जापान के चित्तेसु वतनबे के नाम यह रिकॉर्ड दर्ज है।
शिवानंद बाबा सिर्फ उबला हुआ खाना खाते हैं, वो हर दिन सुबह 3 बजे उठकर योग करते हैं। उसके बाद पूजा पाठ से अपने दिन की शुरुआत करते हैं। शिवानंद बाबा ने बताया कि वो फल और दूध का सेवन नहीं बल्कि सिर्फ उबला हुआ भोजन करते है। वो भी कम नमक वाला खाना खाते हैं। इस वजह से वो 126 सालों जिंदा और पूरी तरह से स्वस्थ हैं। पद्मश्री अवार्ड मिलने से वो बेहद खुश हैं। उन्होंने भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। शिवानंद बाबा का कहना है कि जीवन सामान्य तरीके से जीना चाहिए। शुद्ध और शाकाहारी भोजन करने की वजह से वो पूरी तरह से स्वस्थ और निरोग हैं वहीं बाबा के वैद्य डॉक्टर एसके अग्रवाल ने बताया कि बाबा सात्विक भोजन करते हैं और पूरी तरह से डिसिप्लिन के साथ जिंदगी जीते हैं। उनके जीवन में योग का बहुत ही महत्वपूर्ण है। बाबा खाने में सिर्फ सेंधा नमक का प्रयोग करते हैं।

