दुर्ग से भेजे गए भाजपा कांग्रेस के चारों लोक सभा प्रत्याशियों को मिली हार, बाहरी होने की लगीं छाप को नहीं झेल पाए

दुर्ग से भेजे गए भाजपा कांग्रेस के चारों लोक सभा प्रत्याशियों को मिली हार, बाहरी होने की लगीं छाप को नहीं झेल पाए


सीजी न्यूज ऑनलाइन डेस्क 05 जून। दुर्ग से निर्यातित किए गए कांग्रेस और भाजपा के चार लोकसभा प्रत्याशी करीब 4 लाख वोटों की हार लेकर लौटे हैं। इनमें सबसे बड़ी हार बिलासपुर से कांग्रेस प्रत्याशी देवेन्द्र यादव की रही, जो कि एक लाख 62 हजार से अधिक वोटों से हारे हैं।

दुर्ग के भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव के खिलाफ चुनाव में बाहरी का मुद्दा हावी रहा, और तमाम साधन-संसाधन झोंकने के बाद भी माहौल को अपने पक्ष में नहीं कर पाए। उन्हें भाजपा के तोखन साहू ने हराया।
इसी तरह पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी राजनांदगांव से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में थे। तमाम दांव-पेंच के बावजूद वो भाजपा प्रत्याशी संतोष पाण्डेय से करीब 44 हजार से अधिक वोटों से हार गए। उनकी उम्मीदवारी के खिलाफ भी पार्टी में कार्यकर्ताओं में असंतोष बरकरार रहा। यही वजह है कि वो राजनांदगांव संसदीय सीट की विधानसभा के चुनाव में मिली अपनी पार्टी की बढ़त को भी बरकरार नहीं रख सके। यहां आठ में से पांच विधायक कांग्रेस के हैं।
कुछ ऐसा ही हाल दुर्ग के एक और बड़े नेता ताम्रध्वज साहू का भी हुआ। सामाजिक समीकरण अनुकूल होने के बाद भी 1 लाख 45 हजार वोटों से हार गए।
इससे परे भाजपा की राष्ट्रीय नेत्री सरोज पांडेय भी दुर्ग से कोरबा शिफ्ट हुईं थीं लेकिन परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी ज्योत्सना महंत ने उनके मुकाबले कोरबा संसदीय
सीट में अबतक की सबसे बड़ी 43 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की। इस तरह निर्यातित किए गए दुर्ग के भाजपा और कांग्रेस के चारों लोकसभा प्रत्याशी कुल मिलाकर 3 लाख 95 हजार 978 वोटों का हार लेकर लौटे हैं।