लोकसभा नतीजे के बाद नहीं बल्कि, निगम-मंडलों में नियुक्तियां नगरीय निकाय चुनाव के बाद

लोकसभा नतीजे के बाद नहीं बल्कि, निगम-मंडलों में नियुक्तियां नगरीय निकाय चुनाव के बाद


रायपुर, 28 मई। सरकार के निगम-मंडलों में नियुक्तियां नगरीय निकाय चुनाव के बाद ही होने के आसार हैं। प्रदेश भाजपा संगठन और, सरकार के रणनीतिकार नियुक्तियों को लेकर हड़बड़ी में नहीं है। खबर है कि निकाय चुनाव की समीक्षा करने के बाद ही निगम-मंडल में पद दिए जाएंगे।
सरकार बनने के बाद से ही निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर पार्टी में चर्चा चल रही है। सरकार के 37 निगम-मंडलों, और आयोगों में नियुक्तियां होनी है। हालांकि महिला आयोग के साथ ही कुछ और संवैधानिक पद के पदाधिकारियों को हटाने पर हाईकोर्ट की रोक है। बावजूद इसके बाकी निगम-मंडलों में पद के इच्छुक नेता काफी सक्रिय भी हैं। कई नेता, जो कि विधानसभा टिकट के दावेदार थे उन्हें सरकार बनने पर महत्व देने का वादा भी किया गया था ऐसे नेता अब पद की आस लगाए बैठे हैं।
निगम-मंडल में पद के दावेदारों को उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव नतीजे आने के बाद नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू होगी। मगर पार्टी सूत्र इससे इंकार कर रहे हैं। यह कहा जा रहा है कि निगम-मंडलों में नियुक्तियां नगरीय चुनाव के बाद ही होंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि निकाय चुनाव के साथ ही साथ रायपुर दक्षिण सीट पर उपचुनाव की नौबत आ सकती है। रायपुर दक्षिण के विधायक बृजमोहन अग्रवाल लोकसभा प्रत्याशी थे उनके अच्छे वोटों से जीतने की संभावना जताई जा रही है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि उपचुनाव और निकाय चुनाव साय सरकार की परीक्षा की घड़ी रहेगी। लिहाजा, यहां पार्टी हर हाल में चुनाव जीतने के लिए हरसंभव कोशिश करेगी। इन सब वजहों से पार्टी के निगम-मंडलों में नियुक्तियों को विलंब से करने पर सहमति हैं। यही नहीं, प्रदेश भाजपा संगठन में नियुक्तियां भी होनी है।
जगदलपुर के विधायक किरणदेव के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद से संगठन में पदाधिकारियों की नियुक्तियां नहीं हुई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक चुनाव नतीजे आने बाद सबसे पहले संगठन में नियुक्तियां की जाएगी। कुछ जिला अध्यक्षों को बदला जाना है। चर्चा है कि संगठन में सारी नियुक्तियां लोकसभा चुनाव नतीजे आने के बाद जून के आखिरी तक दोने की उम्मीद है।