सीजी न्यूज ऑनलाइन डेस्क 26 मार्च। छत्तीसगढ़ के बस्तर लोकसभा के कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा और कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. दोनों नेताओं पर आचार संहिता का उल्लंघन करते पाए जाने के बाद एक्शन हुआ है।
रविवार की शाम कवासी लखमा द्वारा जगदलपुर के दंतेश्वरी मंदिर के सामने होलिका दहन करने वाली समिति को नोट बांटने के मामले में निर्वाचन आयोग से शिकायत की गई.। थी। जिसके बाद जगदलपुर कोतवाली में कवासी लखमा और कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य के खिलाफ धारा लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 123 और इंडियन पेनल कोड की धारा 171 बी, 171 ग, और 171 ई, एवं 188 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.
500-500 के नोट बांटने का आरोप
बता दें होलिका दहन करने वाली समिति को 500-500 के नोट बांटे जाने के बाद से उनकी तस्वीर सोशल मीडिया में जमकर वायरल होने लगी और प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने भी निर्वाचन आयोग से इसकी शिकायत करने की बात कही थी. 25 मार्च की देर शाम प्रशासन के एक अधिकारी की ओर से इसे प्रलोभन की श्रेणी मानते हुए और आचार संहिता का उल्लंघन करने के चलते कोतवाली थाना में प्रत्याशी कवासी लखमा और कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है.
जिला निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने दर्ज कराई शिकायत दर्ज
इधर बस्तर लोकसभा के कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा पर एफआईआर दर्ज करने के बाद अब तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन नोट बांटते हुए उनकी तस्वीर जिस तरह से सोशल मीडिया में वायरल हो रही थी. इसके बाद हरकत में आते हुए बीजेपी ने तुरंत इस मामले में निर्वाचन आयोग से शिकायत करने की बात कही.
शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में लिखा है कि कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आवेदन पर रैली की अनुमति मांगी थी और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विभिन्न शर्तो के द्वारा अनुमति दी गई, ताकि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन ना हो, लेकिन यह तथ्य सामने आया कि कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा जगदलपुर दंतेश्वरी मंदिर के सामने एक समिति को नगद राशि वितरण कर रहे है.
मीडिया में प्रकाशित खबर के बाद इस प्रकार प्रत्याशी कवासी लखमा के द्वारा और कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य के द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन और लोक सेवक द्वारा सम्यक रूप से प्रख्यापित आदेश की अह्वेलना की गई है, जिसके चलते उन पर एफआईआर दर्ज किया गया है.
इधर पूरे छत्तीसगढ़ में किसी प्रत्याशी पर आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में एफआईआर दर्ज करने का यह पहला मामला सामने आया है. फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर अब तक कांग्रेस के नेताओं की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है.

