प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्षप्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष पर 5 करोड़ 89 लाख रुपए गबन का लगा आरोप, प्रदेश कांग्रेस नेता अरुण सिंह सिसोदिया ने पीसीसी चीफ दीपक बैज को लिखा पत्र

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्षप्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष पर 5 करोड़ 89 लाख रुपए गबन का लगा आरोप, प्रदेश कांग्रेस नेता अरुण सिंह सिसोदिया ने पीसीसी चीफ दीपक बैज को लिखा पत्र


भिलाई नगर 19 मार्च । कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश महामंत्री अरुण सिंह सिसोदिया ने पीसीसी चीफ दीपक बैज को एक चिट्ठी लिखी है। इस लेटर में पार्टी के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल पर पार्टी फंड से 5 करोड़ 89 लाख रुपए गबन करने का आरोप लगाया है। साथी उनके द्वारा कोषाध्यक्ष रामगोपाल को पार्टी से निष्कासित करने की मांग भी की है।
छत्तीसगढ़ में ऐन लोकसभा चुनाव के वक्त पार्टी के ही एक पदाधिकारी ने लेटर बम फोड़ दिया। ऐसे कांग्रेस के लिए लोकसभा चुनाव की राह में मुश्किलें और भी बढ़ा दी है।


2023 में छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की सरकार जाने के बाद कांग्रेस के सितारे इन दिनों गर्दिश में चल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर ईओडब्ल्यू की एफआईआर के बाद अब कांग्रेस पार्टी के ही पूर्व प्रदेश महामंत्री अरुण सिंह सिसोदिया ने अपनी ही पार्टी के कोषाध्यक्ष और बड़े नेताओं के खिलाफ जमकर आरोप लगाए हैं। अरुण सिंह सिसोदिया ने पीसीसी चीफ दीपक बैज को एक चिट्ठी लिखी है। जिसमें सिसोदिया ने उल्लेखित किया है कि कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने कांग्रेस पार्टी के कोष से 5 करोड़ 89 लाख रुपए का गबन किया है । रामगोपाल अग्रवाल को पार्टी से बाहर करने की बात कही है। अरुण सिसोदिया का यह भी कहना है कि हार के जिम्मेदार लोगों को सक्रिय राजनीति से बाहर किया जाए। फिलहाल अब इस चिट्ठी का कितना असर पड़ता है इसका पता तो बाद में ही पता चल पाएगा। पर लेटर बम का बड़ा असर इस लोकसभा चुनाव 2024 पर हो सकता है।

भेजी गई चिट्ठी में अरुण ने लिखा

प्रदेश महासचिव सिसोदिया ने चिट्ठी में उल्लेखित किया है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी में कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल द्वारा अपने मित्र और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनितिक सलाहकार विनोद वर्मा के बेटे की कंपनी टेसू मीडिया लैब गाजियाबाद को 5 करोड़ 89 लाख रुपए बिना प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम व प्रभारी महामंत्री की जानकारी व अनुमति के भुगतान किया गया जबकि कोषाध्यक्ष को कार्यादेश जारी करने अनुमति नहीं और पार्टी बायलोज के अनुसार प्रदेश कार्यकारणी में प्रस्ताव लाकर पास करना आवश्यक है और प्रदेश अध्यक्ष के नोट शीट ऐप्रूवल लिया जाना जरूरी है।

विदित हो की सरकार आने के बाद भी सगठन को किसी प्रकार आर्थिक सहयोग नहीं दिया जाता था। हमारे द्वारा कई बार बैठक में और प्रभारी कुमारी सैलजा से अनुरोध व मांग करने के बावजूद ब्लाक अध्यक्ष व जिला अध्यक्ष को 5-10 हजार मासिक सगठन के कार्य करने नहीं दिया गया पर अपने परिवार के लोगों को एक कमरे में बैठकर कार्यादेश व गवाह निजी लोगों को बनाकर भुगतान कर दिया गया, साथ ही जो रकम 10 लाख 6 लाख व 3 लाख यानि 19 लाख प्रति माह मुगतान किया गया वो वर्तमान में 10 गुना है यानि प्रति माह 20 लोगो की टीम 3 लाख में कार्य कर रही है जैसा की आपको पूर्ण विदित है।

आपसे अनुरोध है की 5 साल में ही सरकार और सगठन में मनमानी करने वाले गिरोह को पार्टी से बाहर किया जाए व हार के जिम्मेदार लोगो को सक्रिय राजनीति व पार्टी से दूर रखा जाए तभी पार्टी का उत्थान संभव है।