भिलाई नगर, 15 मार्च। भांजे को फ़ुड इंस्पेक्टर की नौकरी लगाने के लिए मामा-मामी ने 50 लाख रूपये दो साल पहले लिए और जब नौकरी नहीं लगवाई तो भांजे ने उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। मामला दुर्ग जिला के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र का है।
पुलिस ने बताया कि जय स्तंभ चौक चरोदा बस्ती भिलाई-3 निवासी गजेंद्र लहरे (26 वर्ष) ने एमकाम कर प्रायवेट नौकरी करता है। दो वर्ष पूर्व उसके मामा नरेंद्र देशलहरे निवासी नायकबांधा अभनपुर, सुनीता सोनवानी निवासी अभनपुर और मामी निवेदिता देशलहरे निवासी नायकबांधा अभनपुर तीनों ने एक राय होकर उसकी नौकरी लगाने के नाम पर 50 लाख रूपये नगद लिए और नौकरी नहीं लगाया, न ही मेरा पैसा वापस किया। गजेंद्र लहरे ने पुलिस को बताया कि उसके सगे मामा महेश्वर सोनवानी की पत्नी सुनीता सोनवानी निवासी विध्यंवासिनी कालोनी अभनपुर ने नरेंद्र देशलहरे पिता निवासी नायक बांधा तहसील अभनपुर जो कि वर्तमान में नगर पंचायत माना कैम्प में सहायक ग्रेड-3 के पद पर शासकीय कर्मचारी हैं और गजेंद्र के मामा का साढू भाई है, ने 23 जनवरी 2022 को महेश्वरी सोनवानी के घर पर नरेंद्र और गजेंद्र के पिता मिलाप लहरे से नौकरी में लगवाने के लिए रूपये मांगे। उसने कहा खुद उसकी नौकरी इसी प्रकार से रूपये देकर लगी है। फूड इंस्पेक्टर बनना है तो 60 लाख रूपये लगेगा, इस पर मेरे मिलाप ने अपना खेत बेचा और 25 लाख रूपये दिए। तब नरेंद्र देशलहरे ने शर्त रखा कि 25 लाख रूपये परीक्षा के पहले देना होगा और 25 लाख दस्तावेज सत्यापन के पहले देना होगा। मिलाप ने 25 लाख रूपये 17 फरवरी 2022 को अपने घर बुलाकर गजेंद्र लहरे को विकास बंजारे के सामने दिया। नरेंद्र देशलहरे, उसकी पत्नी निवेदिता और मामी सुनीता सोनवानी रूपये लेकर गए। जब नौकरी नहीं लगी तो गजेंद्र हमारे द्वारा रूपये वापस मांगे जाने पर वापस करने से इंकार कर हम लोगों को डराने धमकाने लगा। पुरानी भिलाई पुलिस ने नरेंद्र देशलहरे, सुनीता सोनवानी, निवेदिता के खिलाफ धारा 34, 420 के तहत अपराध दर्ज किया है।
फूड इंस्पेक्टर बनाने 50 लाख लिए 🔵 पिता ने खेत बेच जुटाए रूपये 🟠 मामा-मामी सहित 3 के खिलाफ जुर्म दर्ज

