देखिए विडियो 🛑 कैसे दिनदहाड़े सड़कों का सीना चीर देते हैं लोग 🟦 और भिलाई निगम की शर्तें हो जाती हैं नदारद 🟫 निगरानी के अभाव‌ में जन्मते ही दम तोड़ देती है सड़क

<em>देखिए विडियो 🛑 कैसे दिनदहाड़े सड़कों का सीना चीर देते हैं लोग 🟦 और भिलाई निगम की शर्तें हो जाती हैं नदारद 🟫 निगरानी के अभाव‌ में जन्मते ही दम तोड़ देती है सड़क</em>



भिलाई नगर, 16 फरवरी। नगर निगम भिलाई की बात करें या फिर रिसाली निगम की। हर वार्ड में सड़कों का हाल बुरा है। कहीं तो अवैध कब्जों ने अच्छी खासी सड़क आधी कर दी है तो कहीं पानी और कीचड़ का जमावड़ा पूरी सड़क को ही नक्शे सहित निगल चुका है। ऐसा नहीं है कि सड़कों की ओर जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं है, सड़क डामरीकरण कर उसे दुरूस्त करने का काम भी कई वार्डों में जारी है लेकिन इनकी गुणवत्ता जांचने और पूर्णता मापने वाले जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान रातों रात खोद दी गई सड़क पर कैसे नहीं जाता? सवाल यही है।


शहर की सड़कों को सीवर व नाला नाली निर्माण के दौरान खोदने के पहले निगम शर्तों पर परमिशन देता है लेकिन लोगों के निजी कार्यक्रम के दौरान टैंट वाले सड़कों को जिस तरह छलनी करते हैं, अपने घर के सामने नाली पाट पानी निकलने के लिए सड़क खोदने वालों पर अंकुश लगाने वाला कोई नहीं होता। कई विकास कार्यों के लिए खोदी गई सड़क के रेस्टोरेशन को भी जांचने की जहमत उठाने वाला कोई नहीं। चाहे नाला निर्माण हो या सीवर लाइन का काम करने ठेका, दोनों ही टेंडर शर्तों में शहर की सड़़कों को खोदने के लिए शर्तों पर अनुमति दी जाती है इसके बावजूद दोनों ही शर्तों को ताक पर रखकर सड़कों की खुदाई करते रहे हैं। ऐसे में खुदी हुई सड़कें शहर के लोगों के लिए परेशानी का सबब भी बनी हुई हैं।


आपको बता दें कि नियम के मुताबिक रोड खोदने के दौरान साइन बोर्ड व बेरिकेड्स लगाने जरूरी हैं, जिससे ट्रैफिक बाधित न हो। खुदाई के दौरान पानी की पाइप लाइन को क्षति न हो, जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी की होगी। खुदाई के बाद सड़कों का समतलीकरण लेयर्स में किया जाए, साथ ही सड़़क कांग्रेस के नियमों का पालन किया जाने कहा जाता है। खोदी गई सड़़क को उसी हालत में किया जाए, जिस हालत में वह खुदाई से पहले हो। रोड खोदने व रोड के संधारण का काम पाइप लाइन डालने के तुरंत बाद हो, ज्यादा समय तक वह खुदाई की स्थिति में न रहे। पानी बरस जाने की स्थिति में यदि कीचड़ होता है तो गिट्टी व मिट्टी डालने की जिम्मेदारी भी निर्माण एजेंसी को होती है साथ ही तुरंत सड़़क रेस्टोरेशन का काम उसे करना होता है। सड़कों के रेस्टोरेशन के बाद ननि के इंजीनियर्स से निरीक्षण कराकर अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने का भी नियम है। मगर जिनके लिए सड़क बनाई गई है वो ही अपनी सुविधा के लिए सड़क खोद दें तो इन पर कड़ी कार्रवाई या निगरानी करने वाला कोई नहीं। कैम्प क्षेत्र के सार्वजनिक नलों में पंप लगा घर और सड़क तक सिंचने वाले महज सड़क पर फैली उनकी पाईप पर से दुपहिया वाहन न गुजरे इससे बचने के लिए आर पार लाखों की सड़क खोद देते हैं और इस तरह खोदी गई सड़क पर भी उसी समय या बाद में आपत्ति करने वाला कोई नहीं होता या फिर उन सड़कों से जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि यकीनन आना जाना नहीं करते होगें। वार्ड 32 बैकुंठ नगर के आलावा कैम्प के अनेक मोहल्ले की सड़क खोद दी जाती है। हाऊसिंग बोर्ड में भी सड़क कुछ इसी तरह बगैर रोक टोक खोद दी गई है।