कुष्ठ निवारण दिवस पर कुष्ठ जागरूकता संकल्प स्थल पाऊवारा ( निकुम) में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का हुआ अनावरण

<em>कुष्ठ निवारण दिवस पर कुष्ठ जागरूकता संकल्प स्थल पाऊवारा ( निकुम) में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का हुआ अनावरण</em>


भिलाई नगर 31 जनवरी। कुष्ठ निवारण दिवस पर 30 जनवरी को कुष्ठ जागरूकता संकल्प स्थल पाऊवारा ( निकुम) में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया गया ।

राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम सन 1955 में सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण योजना है कुष्ठ मुक्त दुर्ग ग्राम बनाने की दिशा में जिलाधीश ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अनिल कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में समस्त एनएमए, सेवानिवृत्ति एमएमएस, एमटी, मितानिन, महिला स्वयं सहायता समूह, रामायण मंडली तथा जन सहयोग से लगातार नए कुष्ठ के मरीज खोज कर उनका इलाज प्रारंभ किया जा रहा है इसी तारतम्य में 30 जनवरी को कुष्ठ जागरूकता संकल्प स्थल पाऊवारा ( निकुम) में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा अनावरण मुख्य अतिथि प्रेम प्रकाश पांडे , पूर्व विधानसभा अध्यक्ष छ.ग. शासन अध्यक्षता देवेंद्र देशमुख अध्यक्ष, जनपद पंचायत दुर्ग, विशिष्ट अतिथि ललित चंद्राकर, विधायक दुर्ग ग्रामीण, अन्य विशिष्ट अतिथियों योगिता चंद्राकर कृषि सभापति जिला पंचायत दुर्ग, राकेश हिरवानी, कृषि सभापति जनपद पंचायत दुर्ग एवं मनीष पांडे, सदस्य भाजमुयों प्रदेश कार्य समिति प्रभारी रायपुर, की उपस्थिति में किया गया, डॉ. जे पी मिश्रा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग एवं डॉ.अनिल कुमार शुक्ला, जिला कुष्ठ अधिकारी, दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार 30 जनवरी से 13 फरवरी के दौरान कुष्ठ निवारण पखवाड़ा मनाया जाना है। पखवाड़े के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में पंचायतों का सक्रिय सहयोग लिया जाएगा ग्राम के जागरूक व उत्साही लोगों, नवयुवक मंडल, महिला मंडल को जोड़कर घर-घर संघन कुष्ठ जांच खोज अभियान चलाया जाएगा l


पखवाड़े के दौरान समाज में जन जागरूकता लाने हेतु पोस्टर ,बैनर, पॉमप्लेट एवं नारे लेखन के द्वारा जन जागरूक किया गया तथा स्कूली बच्चों को कुष्ठ संबंधित प्रश्नोत्तरी के माध्यम से कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक बनाने का प्रयास किया गया। शहरी क्षेत्र दुर्ग भिलाई /चरोदा के निजी चिकित्सकों को भी कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में सहयोग के लिए प्रेरित किया गया जिला कुष्ठ अधिकारी द्वारा बताया गया कि अप्रैल 2023 से अब तक 412 कुष्ठ के नए मरीज चिन्हांकित किए गए जिनका सफलतापूर्वक उपचार किया जा रहा है दुर्ग जिले में अभी तक 105 ग्रामों को कुष्ठ मुक्त किया जा चुका है एवं बाकी ग्रामों को भी कुष्ठ मुक्त करने हेतु विस्तृत कार्य योजना बनाई गई है । उक्त दिवस में कुष्ठ कार्यक्रम के संबंध में किया जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी प्रदान की जाएगी एवं ग्राम पाऊवारा को कुष्ठ मुक्त ग्राम बनाए जाने हेतु रणनीति के संबंध में बताया गया।

कुष्ठ जागरूकता संकल्प स्थल पाऊवारा निकुम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा अनावरण का उद्देश्य महात्मा गांधी ने जो हमें आशा का संदेश दिया था, उन्होंने अपने जीवन में अनेक तरह के भय पर विजय पा लिया था ऐसा करने में उन्होंने प्राय उन पूर्वाग्रहों और परंपराओं पर संदेह व्यक्त किया जो देखने में अटल लगती थी, उनके पास अपने काम करने का एक ही मापदंड था जरूरतमंद लोगों की सेवा, मानवता की इस अदम्य भावना ने ही उन्हें कुष्ठ रोगियों की सेवा के लिए प्रेरित किया, लेकिन महात्मा गांधी ने महसूस किया कि कुष्ठ निवारण का काम केवल चिकित्सा सहायता नहीं है असली समस्या उसे भय और अज्ञानता को दूर करना है जो कुष्ठ रोग के प्रति एक निराधार दृष्टिकोण और लांछन को जन्म देता है ,क्योंकि जब तक इसमें परिवर्तन नहीं होता यह रोग फैलता ही रहेगा । डॉ.अनिल कुमार शुक्ला जिला कुष्ठ अधिकारी दुर्ग के अनुसार दुर्ग जिले को हम कुष्ठ मुक्त बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं, सभी कुष्ठ रोगियों को जितनी जल्दी हो सके खोजने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं, इसे प्राप्त करने के लिए जिले में उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं, इसके साथ ही हम कुष्ठ प्रभावित व्यक्ति से कोई भेदभाव नहीं करेंगे और ना ही किसी दूसरे व्यक्ति को कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्ति के साथ भेदभाव को समाप्त करने के लिए पूर्ण रूप से प्रयास करते रहेंगे और उनको समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए अपना भरपूर योगदान देंगे।


सभी से यह अपील करता हूं कि संदेहास्पद कुष्ठ के लक्षण वाले व्यक्ति को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में आने के लिए प्रेरित करें, एवं यह सुनिश्चित करें कि अगर उसे कुष्ठ रोग है तो उसका पूरा इलाज करवाने में मदद करें अगर आपकी नजर में अपने परिवार पड़ोस और समाज में कोई कुष्ठ रोग का मरीज है तो उसके साथ बैठने खाने घूमने फिरने पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करें एवं कुष्ठ रोग पीड़ित व्यक्ति के साथ सामाजिक भेदभाव के रोकथाम के लिए सदा प्रयत्नशील रहते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सपना कुष्ठ मुक्त भारत के लिए सदा प्रयत्नशील रहे।