दुर्ग 26 जनवरी । 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग के कुलपति डॉ. आर.आर.बी. सिंह के द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन एवं पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा में ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. आर.के.सोनवणे, वित्त अधिकारी शशिकांत काले, अधिष्ठाता पशु चिकित्सा महाविद्यालय डॉ.एस.के. तिवारी, निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. संजय शाक्य, निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. जी. के. दत्ता, निदेशक शिक्षण डॉ.आर.सी.घोष, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ.नीलू गुप्ता, निदेशक एनिमल बायोटेक्नोलॉजी सेंटर डॉ. एम.के.अवस्थी, निदेशक वन्य प्राणी संस्थान डॉ. एस. एल.अली, डॉ.के. मुखर्जी, 1 सी.जी.आर. एण्ड व्ही. रेजीमेंट एन.सी.सी. अंजोरा के कमांडिंग आफिसर कर्नल तुषार उपासनी, उपकुलसचिव डॉ.एम.के. गेंदले, विश्वविद्यालय जनसंपर्क अधिकारी डॉ.दिलीप चौधरी, प्राध्यापकगण/कर्मचारीगण एवं अध्यनरत छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

इस अवसर पर 1 सी.जी.आर. एण्ड व्ही. रेजीमेंट की एन.सी.सी. परेड एवं रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। अंत में सद्भावना क्रिकेट मैच का आयोजन स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं के बीच किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. रूपल पाठक ने बताया कि 1 सी.जी.आर. एण्ड व्ही. रेजीमेंट एन.सी.सी. अंजोरा दुर्ग की टीम ने आर.डी.सी. कैंप में हिस्सा लिया एवं अखिल भारतीय स्तर पर तृतीय स्थान अर्जित किया। यह महाविद्यालय की बड़ी उपलब्धि है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.आर.आर. बी. सिंह ने अधिकारियों/ कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी भारतीयों के लिए विशेष महत्व रखता है, उन्होंने गणतंत्र दिवस के इतिहास के संबंध में अनेक रोचक जानकारियां महाविद्यालय के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं के साथ साझा की। साथ ही प्रथम गणतंत्र दिवस से लेकर इस गणतंत्र दिवस तक देश में विभिन्न क्षेत्रों में हुई अभूतपूर्व प्रगति का विस्तार से उल्लेख किया। विशेष तौर से कृषि, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन एवं मछली उत्पादन में हुई वृद्धि का विस्तार से उल्लेख किया। कुलपति ने गत वर्ष विश्वविद्यालय एवं विभिन्न इकाइयों द्वारा की गई उपलब्धि की भी जानकारी साझा करते हुए महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राओं द्वारा किए गए कार्यों के लिए बधाई दी। उन्होंने विशेष तौर पर छत्तीसगढ़ की बकरी की प्रथम नस्ल अंजोरी के पंजीकरण की सफलता पर इससे संबद्ध समस्त वैज्ञानिकों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने वर्तमान में उद्यमिता के क्षेत्र में युवाओं के योगदान की जानकारी दी साथ ही महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं से इस क्षेत्र में उज्जवल भविष्य की संभावनाओं के प्रति जागरूक होने का आव्हान किया।

