तापघात एवं लू से लोगों को बचाने जिला प्रशासन ने शुरू की कवायद, जगह जगह दुर्ग में बनाएगा शेड, छाया स्थलों मे राहत के क्या क्या होंगे इंतजाम पढ़ें पूरी खबर
दुर्ग 21 अप्रैल । जन समुदाय को लू (तापघात) के प्रकोप से बचान शासन यह तुम्हारा एडवाइजरी जारी की गई है। ग्रीष्म लहर ताप घाट से लोगों को बचाने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा स्थान चिन्ह अंकित कर छाया के लिए शेड बनाए जाएंगे। साथ ही पीने की पानी की व्यवस्था एवं फर्स्ट एड बॉक्स भी इन छाया स्थल पर रखे जाएंगे इसके अलावा छाया स्थलों पर वॉलिंटियर नियुक्ति करने की तैयारी भी की जा रही है। जो प्राथमिक उपचार कर सकेंगे जिला प्रशासन के द्वारा एनजीओ से भी सहायता लेने के लिए योजना बनाई जा रही है।
कलेक्टर डॉक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने अधिकारियों के एडवाइजरी पर कार्य करने के दिए निर्देश दिए हैं। मई-जून के मध्य संभावित लू के प्रकोप को गंभीरता से लेते हुये इससे होने वाली क्षति को कम करने हेतु विभागीय एवं जिला स्तर पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश शासन द्वारा दिए गए हैं। इसके अनुपालन के लिए कार्य करने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने अधिकारियों को निर्देशित किया है। लू के प्रभाव को न्यूनतम करने हेतु समस्त प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। शासकीय कार्य के दौरान अमले को दिये जाने वाले किट में ओ. आर. एस. ग्लूकोस तथा लू से बचाव हेतु अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के समस्त बॉर्डर पॉइंट पर लू से बचाव हेतु पर्याप्त छायादार स्थल (शेड) की व्यवस्था किया जाने निर्देशित किया गया है। इन स्थलों पर शीतल जल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राथमिक उपचार हेतु फर्स्ट ऐड बॉक्स भी रखने तथा इसके उपयोग से संबंधित आवश्यक निर्देश लिखे जाने कहा गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, परिवहन विभाग, पशु-पालन विभाग द्वारा सार्वजनिक स्थलों जैसे बाजारों, प्रमुख कार्यालय आदि में लू से बचाव हेतु पर्याप्त छायादार स्थल (शेड) की व्यवस्था की किए जाने के संबंध में निर्देशित किया गया है। स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों से विचार विमर्श कर आवश्यकतानुसार इन स्थलों पर वॉलंटियर की तैनाती भी की जा सकती है, जो आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार करने में सक्षम हो ।
उल्लेखनीय है कि पेय जल स्त्रोत में पीने हेतु पर्याप्त जल उपलब्ध हो। इस कार्य की निगरानी हेतु नगर निगम/ नगर पालिका /नगर पंचायत के कर्मियों की क्षेत्रवार जिम्मेदारी निर्धारित की गई है।
