महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था खत्म , राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री को लिखा जाएगा पत्र – अठावले


महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था खत्म , राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री को लिखा जाएगा पत्र – अठावले

दुर्ग 26 अप्रैल । रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं केन्‍द्रीय सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता राज्‍यमंत्री रामदास अठावले ने कहा की महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की स्थिति अच्छी नहीं है। सांसद नवनीत राणा पर राजद्रोह का अपराध पंजीबद्ध किया जाना गलत है। अनुमति लेने के लिए थाने जा रहे पूर्व सांसद एवं भाजपा नेता किरीट सौम्या पर पथराव एवं हमला होना राज्य में कानून व्यवस्था समाप्त हो जाने के समान है । इसलिए वह अपनी पार्टी की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर शीघ्र ही महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग करेंगे। पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री अठावले आज आदिवासी महरा एवं महारा समाज के राज्य स्तरीय सम्मेलन पर शामिल होने छत्तीसगढ़ आए हुए हैं। समाज के द्वारा तीन बार सामाजिक न्याय मंत्रालय को पत्र लिखकर आदिवासी वर्ग में शामिल करने का प्रस्ताव रखा था । तीनों ही बार इस आदिवासी समुदाय की मांग पूर्ण नहीं हो सकी । इसके लिए वे आदिवासी मंत्रालय से चर्चा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार को भी इस गरीब ,असहाय वर्ग के लिए विचार करना चाहिए एवं इस पिछड़े समाज को आदिवासी वर्ग में शामिल करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजना चाहिए । इसके लिए मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ को भी केंद्र के साथ पत्र व्यवहार करना चाहिए। महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा पाठ के सवाल पर श्री अठावले ने कहा कि राज्य में शांति होनी चाहिए। हिंदू एवं मुस्लिम दोनों भाई भाई हैं । दोनों ही पक्षों के मध्य विवाद को कैसे शांत किया जाए इस ओर राज्य सरकार को भी ध्यान देना  चाहिए। उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ मंदिरों में होना चाहिए । साथ ही मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का उनकी पार्टी और वह दोनों ही विरोध करते हैं। राज्य में महा अन्याय हो रहा है । सांसद नवनीत राणा एवं उनके विधायक पति रवि राणा पर राजद्रोह का मामला कायम किया गया है। जबकि अनुमति लेने के लिए थाने जा रहे पूर्व सांसद एवं भाजपा नेता किरीट सोमैया पर पथराव एवं हमला किया जाना उचित नहीं है । महाराष्ट्र राज्य में कानून व्यवस्था समाप्त हो चुकी है। इसलिए उनकी पार्टी और वे दोनों ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करेंगे।