चिता पर 8 घंटे रखा रहा मां का शव 🛑 और श्मशान में संपत्ति के लिए लड़ती रहीं तीनों बेटियां 🛑 रुका रहा अंतिम संस्कार

<em>चिता पर 8 घंटे रखा रहा मां का शव 🛑 और श्मशान में संपत्ति के लिए लड़ती रहीं तीनों बेटियां 🛑 रुका रहा अंतिम संस्कार</em>



सीजी न्यूज आनलाईन डेस्क, 16 जनवरी। 90 वर्ष की आयु में सांसे थमने के बाद मां का शव चिंता पर रखा रहा और बेटियां आपस में सम्पत्ति विवाद को लेकर मुक्तिधाम में लड़ती बहस करती रहीं। वहां पहुंचे लोग समझाते रहे और बेटियां हैं कि मानती ही नहीं नतीजतन 8 घंटे तक मां का पार्थिव शरीर चिंता पर रखा रहा।
आपको बता दें कि मृतक महिला का नाम पुष्पा देवी था, जिनकी उम्र करीब 90 साल की थी। पुष्पा देवी नगला छीता गांव की रहने वाली थी। उनके पति गिरीराज प्रसाद की मौत काफी पहले ही हो चुकी थी। पुष्पा का कोई बेटा नहीं था केवल 3 बेटियां हैं और तीनों की शादी हो चुकी है। यूपी के मथुरा से दिल दहला देने वाला यह मामला संपत्ति के लालच में कलियुगी बेटियों की दास्तान कहता रहा। बेटियों को सम्पत्ति के लालच ने इस कदर क्रूर और निर्दयी बना दिया कि उन्होंने अपनी मां की चिता को 8 घंटे तक जलने नहीं दिया। मां की मौत पर कलियुगी बेटियों का तमाशा श्मशान घाट पर घंटों चलता रहा। मां का शव जहां चिता पर पड़ा था वहीं बेटियां जायदाद के बंटवारे के लिए लड़ती रहीं।


गौरतलब हो कि तीनों की बेटियों की शादी हो चुकी है और इनमें से एक बेटी के पति की भी मौत भी हो गई है जबकि दूसरी बेटी आर्थिक तंगी का शिकार है। पुष्पा वर्तमान में अपनी तीसरी बेटी मिथिलेश के घर जमुना पार इलाके में रहती थी। पुष्पा की बीती सुबह करीब 10:30 बजे लंबी बीमारी के चलते मौत हो गई, जिसके बाद उनके शव को मथुरा के मोक्ष धाम ले जाया गया। मां की खबर सुनते ही पुष्पा की दो अन्य बेटियां राशि और सुनीता शमशान पहुंच गईं और हंगामा शुरू कर दिया। दरअसल, पुष्पा देवी के नाम 3 बीघा खेत था, जिसमें डेढ़ बीघा उन्होंने बेच दिया था। दोनों बहनों ने अपनी तीसरी बहन मिथलेश पर आरोप लगाया कि उनके बहकावे में आकर उनकी मां पुष्पा ने जमीन बेच दी थी और सारा पैसा खुद रख लिया, जिसके बाद दोनों बहने भी जमीन में अपना हिस्सा मांगने लगीं और शमशान में तीनों बहनों ने जमीन की वजह से अपनी मां की चिता को करीब 8 घंटे तक नहीं जलने दिया।