सहकर्मी को दिया था मरम्मत के लिए मोबाइल फोन, मोबाइल में उपलब्ध दस्तावेजों से बनाया ऑनलाइन ट्रांजैक्शन अकाउंट और निकाल लिए 46 हजार
भिलाई नगर 2 जून । ऑन लाईन ठगी के मामले में प्रार्थी का सहकर्मी ही आरोपी निकला। प्रार्थी की मोबाईल पर ही गूगल पे एकांउट बनाकर ठगी की घटना को अंजाम दिया था । ठगी की रकम से मोबाईल फोन खरीद लिया था। ऑन लाईन गेम में भी पैसा उड़ाया था। एन्टी क्राईम एवं सायबर यूनिट दुर्ग व थाना जामुल ने संयुक्त कार्यवाही की ।
एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक संतोष मिश्रा तथा थाना प्रभारी जामुल निरीक्षक याकूब मेमन के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित कर टीम को कार्यवाही हेतु लगाया गया था । प्रार्थी धनेश्वर राम साहू निवासी ग्राम सुरडुंग थाना जामुल के द्वारा अपने एस.बी.आई. बैंक के खाते से 46,500 रुपए गायब हो जाने के संबंध में शिकायत आवेदन थाना जामुल में दिया गया था । जांच सायबर युनिट से कराने पर रकम गूगल पे के माध्यम से अलग – अलग तीन खातों में पैसा ट्रांसफर होने के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई तथा प्राथी के ही आई.डी. से गूगल पे का एकांउट बनाकर रकम ट्रांसफर किया जाना जिसमें जी मेल आई.डी. किसी विक्की निषाद का होना पता चला । जिससे प्रार्थी धनेश्वर साहू से पूछताछ करने पर उसके द्वारा बताया गया कि वह कभी भी गूगल पे का एकांउट अपने मोबाईल में नहीं बनाया और साथ ही ये भी बताया कि उसके साथ काम करने वाले विक्की निषाद को मोबाईल फोन खराब होने पर बनवाने के लिए पूर्व में दिया था । टीम द्वारा उक्त कार्यवाही के परिणाम स्वरूप संदेही विक्की निषाद के ऊपर संदेह और भी पुख्ता हो जाने पर विक्की निषाद को पकड़कर पूछताछ किया गया जो कि शुरूवाती पूछताछ पर गुमराह करता रहा किन्तु टीम द्वारा सतत् एवं तथ्यात्मक पूछताछ के परिणाम स्वरूप अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि प्रार्थी धनेश्वर द्वारा जब उसे मोबाईल फोन बनवाने के लिए दिया था उसी दौरान मोबाईल फोन मरम्मत करावाने के बाद मोबाईल फोन को चेक करने पर फोटो गैलेरी में उसे प्रार्थी कि आई.डी. , बैंक एटीएम कार्ड की फोटो आदि मिल गयी मोबाईल में प्रार्थी का ही सिम लगा हुआ था जिससे उसके द्वारा प्रार्थी के मोबाईल में ही गूगल पे का एकांउट बना लिया गया तथा अपना जी मेल आई.डी. डालकर एकटीवेट करके मोबाईल दुकान से मोबाईल खरीदकर ऑन लाईन भुगतान किया तथा अलग – अलग समय पर साथ में ही काम करने के दौरान प्रार्थी का मोबाईल लेकर अपने व अपने दोस्त के बैंक खाते में ऑन लाईन रकम ट्रांसफर किया गया । जिससे आरोपी की निशानदेही पर ठगी की रकम से खरीदा गया विवो कंपनी का एक मोबाईल फोन बरामद कर जप्त किया । ठगी से प्राप्त शेष रकम को पवजी ऑनलाईन गेम खेलने में खर्च हो जाना बताया । आरोपी को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्यवाही थाना जामुल से की जा रही है । उक्त कार्यवाही में थाना जामुल से उप निरीक्षक विष्णु प्रसाद चौबे , एन्टी क्राईम एवं सायबर यूनिट दुर्ग से सउनि शमित मिश्रा , प्र . आर . चन्द्रशेखर बंजीर , आरक्षक जावेद खान , अरविन्द मिश्रा , एवन बंछोर सत्येन्द्र मढ़रिया , रिन्कू सोनी , अनिल सिंह की उल्लेखनीय भूमिका रही ।

