दुर्ग 2 सितंबर । हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के लिए ’’बेस्ट प्रैक्टिसेस’’ प्रतियोगिता का आयोजन सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में किया जा रहा है। यह जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डाॅ. प्रषांत श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के नैक मूल्यांकन के दौरान उस प्रशिक्षण संस्थान द्वारा अपनायी गई ’’बेस्ट प्रैक्टिसेस’’ का मूल्यांकन किया जाता है। यह ’’बेस्ट प्रैक्टिसेस’’ कम लागत वाली तथा ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाने वाली होना चाहिए।
डाॅ. श्रीवास्तव ने बताया कि ’’बेस्ट प्रैक्टिसेस’’ प्रतियोगिता के आयोजन के संबंध में कुलपति, डाॅ. अरूणा पल्टा ने अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। डाॅ. पल्टा ने कहा कि विश्वविद्यालय के अंतर्गत लगभग 100 महाविद्यालय अभी नैक मूल्यांकन हेतु प्रयासरत् है। इस प्रकार के प्रतियोगिता के आयोजन से इन महाविद्यालयों को अपने यहां ’’बेस्ट प्रैक्टिसेस’’ की शुरूआत करने मे मदद मिलेगी। कुलसचिव, भूपेन्द्र कुलदीप ने कहा कि इस प्रतियोगिता में मुख्य रूप से ऐसे विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय को आमंत्रित किया जा रहा है जिनका नैक मूल्यांकन हो चुका है तथा जिन संस्थानों ने उच्च ग्रेड प्राप्त किया है।
डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय की ओर से लगभग 500 से अधिक विश्वविद्यालयो एवं महाविद्यालयों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु आमंत्रित किया गया है। यह प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित होगी। प्रथम चरण में सभी प्रतिभागी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय अपने यहां अपनायी जाने वाली ’’बेस्ट प्रैक्टिसेस’’ का प्रमाण सहित विवरण ईमेल के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग को 15 सितंबर तक उपलब्ध करायेंगे। इन प्राप्त प्रविष्टियो का मूल्यांकन विश्वविद्यालय की कुलपति द्वारा गठित उच्च स्तरीय निर्णायक समिति करेगी। इसके पश्चात् दूसरे चरण में विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालयों में से श्रेष्ठ 10-10 प्रविष्टियो को भौतिक रूप से प्रस्तुतिकरण देने हेतु सितंबर के अंतिम सप्ताह में दुर्ग आमंत्रित किया जायेगा तथा श्रेष्ठ प्रविष्टियो को पुरस्कृत भी किया जायेगा। विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालयों द्वारा भौतिक रूप से प्रस्तुतिकरण के दौरान हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग से सम्बद्ध समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं आईक्यूऐसी समन्वयक उपस्थित रहेंगे।

