रायपुर 30 अगस्त । डेयरी साइंड एंड फूड टेक्नोलॉजी कॉलेज में एडमिशन की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू हो रही है। रायपुर में संचालित कॉलेज में डेयरी टेक्नोलॉजी, डेयरी इंजीनियरिंग, डेयरी केमेस्ट्री, फूड टेक्नोलॉजी जैसे विषयों में बीटेक कोर्स संचालित किए जाते है।

डेयरी साइंड एंड फूड टेक्नोलॉजी कॉलेज डीन डॉक्टर ए के त्रिपाठी ने बताया कि लगभग 60 सीटों में स्टूडेंट्स को एडमिशन मिलता है। वही 12 सीटों पर नेशनल लेवल पर स्टूडेंट्स को एडमिशन मिलता है। वही एमटेक के चार डिपार्टमेंट में 4-4 सीटें और पीएचडी के दो-दो सीटें है। डेयरी कोर्स के दौरान स्टूडेंट्स को डेयरी से संबंधित सभी जानकारियां दी जाती है और स्टूडेंट्स को मिल्क और मिल्क प्रोडक्ट्स से संबंधित इंडस्टी में ही अपना करियर बनाते है। कैंपस से ही ज्यादातर स्टूडेंट को प्लेसमेंट मिल जाता है। इसमें स्टार्टअप ऑपर्चुनिटी भी काफी ज्यादा है। कॉलेज के कई स्टूडेंट्स ऐसे भी है जो खुद का बिजनेस भी सेट कर चुके है और अच्छा पैसा कमा रहे है।डेयरी में पढ़ाई करने के बाद स्टूडेंट्स देश के साथ विदेशों में भी पढ़ाई और जॉब के लिए जा सकता है। डॉ त्रिपाठी ने बताया कि प्रतिवर्ष 2018 से कम से कम कर बच्चे जर्मन एवं फ्रांस m.tech डिग्री हासिल करने के लिए जाते हैं। स्कॉलरशिप के साथ विदेश जाते हैं । डॉ त्रिपाठी ने बताया कि इसी वर्ष दुनिया के प्रथम रैंक प्राप्त नीदरलैंड के कॉलेज में हमारे कॉलेज से एक स्टूडेंट आगे की पढ़ाई के लिए चयनित हुआ है इसके अलावा प्रतिवर्ष एनडीआरआई कॉलेज करनाल में प्रतिवर्ष 10 बच्चों आगे की पढ़ाई एम टेक के लिए जाते हैं। इसके अलावा आईआईएम के लिए भी प्रतिवर्ष इस कॉलेज के बच्चों का चयन होता है। इतना ही नहीं जो बच्चे तत्काल जब की इच्छा रखते हैं, उन्हें
कैंपस प्लेसमेंट ही स्टूडेंट्स हो 30 हजार से 50 हजार रुपए तक की शुरुआती सैलरी मिल जा रही है। स्टूडेंट्स को बैकरी, डेयरी, फ्रूट्स प्लांट मिल्क पार्लर चॉकलेट जैसे अलग-अलग इंडस्ट्री में काम करने का मौका मिलता है। काउंसलिंग की प्रक्रिया पीईटी एग्जाम रिजल्ट के जरिए किया जाता है। यदि कोई सीट खाली भी होती है तो उसे 12वीं के अंकों के प्राप्तांकों के आधार पर दिया जाता है।

