कॉन्फ्लुएन्स महाविद्यालय राजनांदगांव द्वारा वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे पर गोलमेज चर्चा का किया आयोजन

कॉन्फ्लुएन्स महाविद्यालय राजनांदगांव द्वारा वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे पर गोलमेज चर्चा का किया आयोजन


कॉन्फ्लुएन्स महाविद्यालय राजनांदगांव द्वारा वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे पर गोलमेज चर्चा का किया आयोजन

राजनांदगांव 9 जून । कॉन्फ्लुएन्स महाविद्यालय राजनांदगांव द्वारा वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे पर गोलमेज चर्चा का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वच्छ और पौष्टिक भोजन की अहमियत को समझना है। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप से कुमारी अकीशा लाल उपस्थित थी।

संयोजिका कु. उर्वशी कडवे विभागाध्यक्ष प्रबंधन ने बताया कि यह प्रोग्राम बेहतर खान-पान के प्रति जागरूक करना एवं खराब खानपान से होने वाले बिमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करना है, जिससे लोगों की फूड हैबिट्स और केमिकल युक्त खाद्य पदार्थों के दुष्प्रभाव की जानकारी मिल सके।

कु. • अकीशा लाल ने स्वस्थ शरीर के लिए पांच सुरक्षित तरीके बताये जिसमें साफ सफाई रखें, कच्चा खाना एवं पक्का खाना अलग अलग रखें, खाना को सही तरीके से पकाना, सही तापमान में खाना पकाना और साफ पानी का उपयोग करना एवं अपने हाथ को हमेशा धोते रहना चाहिए।

महाविद्यालय के डायरेक्टर आशीष अग्रवाल, संजय अग्रवाल एवं डॉ. मनीष जैन ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय मे जहां एक तरफ लोग फास्ट फूड की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दूषित खानपान से होने वाले खतरों को रोकना एवं मिलावटी चीजों का पता लगाना और इसके बारे में जानकारी प्रदान कर लोगों में जागरूकता लाना एक अच्छी पहल है।

प्राचार्य डॉ. रचना पाण्डेय ने कहा कि पौष्टिक खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूक करना और मानव शरीर के लिए पोषण से भरपूर भोजन के महत्व की जानकारी प्राप्त करने हेतु यह कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। आजकल की जीवनशैली और खानपान को लेकर लोग लापरवाह होते जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में हमें ऐसा भोजन लेना चाहिए जो पौष्टिक और केमिकल मुक्त हो।

सहायक प्राध्यापक कु ममता साहू ने कहा कि फिजिकल एक्टीविटी, प्रोटिन युक्त खाना एवं खाना खाने के बाद एक हजार कदम चलना आवश्यक है।

सहा. प्राध्यापक धनंजय साहू ने कहा कि पानी खड़े होकर नहीं बल्कि बैठकर पीना चाहिए। सहा.प्राध्यापक राधेलाल देवांगन, नीतेश उत्कल, कु. निधि जंघेल ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

कार्यक्रम के अंत में विजय मानिकपुरी सहा. प्राध्यापक ने कहा कि अपने आपको साफ सुथरा रखना, कुपोषण को दूर करने हेतु सार्वजनिक वितरण प्रणाली के महत्व, नियत समय पर नियमित अन्तराल पर भोजन करने पर बल दिया गया। साथ ही आयोडिन युक्त नमक का उपयोग करने की सलाह देते हुए आभार प्रदर्शन किया।