1 जुलाई को रेल पटरी पर बैठ भिलाई में प्रदर्शन-स्वास्थ कर्मचारी यूनियन का ऐलान
भिलाई नगर, 20 जून। कल कोहका क्षेत्र में जन स्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन ने अग्निपथ योजना का विरोध में करते हुए नारेबाजी करते हुए ऐलान कर दिया कि अगर 30 जून तक राज्य सरकार उनकी मांग नहीं मानती है तो वे एक जुलाई को रेल पांत पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
यूनियन का आरोप है कि अग्निपथ योजना के माध्यम से मोदी सरकार बेरोजगारों के साथ धोखा करना चाहती है। युवाओं को रोजगार देने के चार साल बाद बेरोजगार कर देगी। चार साल बाद बेरोजगार होकर यह युवा क्या करेंगे, यह भी सरकार को बताना चाहिए।
गौरतलब हो कि अग्निपथ योजना के विरोध में जन स्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इसके विरोध में जगह-जगह जाकर लोगों को जोड़ना शुरू किया है। यूनियन के लोग एक प्रचार रथ में रविवार को कोहका स्थित अवंती बाई चौक, कोहका बस्ती और सुपेला क्षेत्र पहुंचे। यहां उन्होंने लोगों को पम्पलेट्स बांटकर और अग्निपथ योजना के विरोध में प्रचार किया। इस दौरान केंद्र के साथ साथ राज्य सरकार पर भी निशाना साधा गया। आरोप लगाया गया कि केंद्र की तरह ही छत्तीसगढ़ सरकार भी कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है। उसने छत्तीसगढ़ राज पत्र में कंडिका 12 लाकर स्वास्थ्य कर्मचारियों को काम से बाहर कर दिया, इनकी जगह 176 पदों पर नई भर्ती निकाली गई है। सरकार चाहती तो सीधी भर्ती के तहत सभी कर्मचारियों नौकर पर ले सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यूनियन के कलादास डहरिया ने चेतावनी दी है कि यदि 30 जून तक राज्य सरकार उनकी मांग को नहीं मानती है तो वे एक जुलाई को रेल पांत पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। श्री डहरिया ने कहा कि एक जुलाई 1992 को भिलाई में गोली कांड हुआ था। इस गोलीकांड में शहीदों की शपथ लेकर वह रेल पांत पर बैठेंगे और कर्मचारियों के लिए यूनियन के स्वर हमेशा की तरह मुखर रहेगा।

