हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा आयोजित सर्टिफिकेट कोर्स से प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्मीदवारों को मिलेगा लाभ, छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल स्थल पर केंद्रित तीन व्याख्यान आयोजित

<em>हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा आयोजित सर्टिफिकेट कोर्स से प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्मीदवारों को मिलेगा लाभ, छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल स्थल पर केंद्रित तीन व्याख्यान आयोजित</em>


दुर्ग 8 जुलाई । हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा 01 जुलाई से आयोजित छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों पर केंद्रित सर्टिफिकेट कोर्स के अंतर्गत आनलाईन रूप से तीन व्याख्यान आयोजित किए गए। यह जानकारी देते हुए कोर्ट समन्वयक डी.सी.डी.सी. डाॅ. प्रीता लाल ने बताया की सर्टिफिकेट कोर्स के प्रारंभिक चरण में विश्वविद्यालय की कुलपति डाॅ. अरूणा पल्टा ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा की हमें देश के पर्यटन स्थलों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की भी जानकारी होनी चाहिए। डाॅ. प्रीतालाल ने सर्टिफिकेट कोर्स की महत्ता बताते हुए कहा की कोर्स के दौरान दी जाने वाली जानकारी से प्रतियोगी परीक्षा के परीक्षार्थियों को अत्यंत लाभ होगा। व्याख्यान के दौरान सहायक कुलसचिव दिग्विजय कुमार एवं हिमांशु शेखर मंडावी ने आमंत्रित वक्ताओं का परिचय दिया तथा धन्यवाद ज्ञापन अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने दिया।


आज आयोजित आमंत्रित व्याख्यान ने शासकीय डी.बी. कन्या महाविद्यालय, रायपुर की प्राध्यापक उषा किरण अग्रवाल ने पावर पाईंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से छत्तीसगढ़ के धार्मिक पर्यटन स्थलों के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी दी डाॅ. अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के धार्मिक पर्यटन स्थलों को विश्व स्तरीय बताते हुए रंगीन स्लाइड के माध्यम से डोंगरगढ़ से लेकर महामाया, सरगुजा, बस्तर तथा रायपुर, बिलासपुर आदि जगहों के धार्मिक स्थलों का वर्णन किया। डाॅ. अग्रवाल के प्रस्तुतिकरण की सभी प्रतिभागियों ने सराहना की ।
इससे पहले आयोजित दो आमंत्रित व्याख्यानों में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की अधिकारी श्रीमती शुभदा चतुर्वेदी ने छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावना एवं विकास विषय पर रोचक जानकारी दी। श्रीमती चतुर्वेदी ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विभिन्न पर्यटन स्थलों में विकसित किए जा रहे खेल सुविधाएं, अवागमन, ठहरने की व्यवस्था तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी दी। द्वितीय व्याख्यान में शासकीय महाविद्यालय जामुल के सहायक प्राध्यापक, डाॅ. बलराम ताम्रकार ने छत्तीसगढ़ शासन की पर्यटन नीति का गहराई से विश्लेषण करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी दी। उपरोक्त तीनों व्याख्यानों के दौरान विश्वविद्यालय की कुलपति, कुलसचिव एवं के समस्त अधिकारीगण आनलाईन रूप से उपस्थित थे। प्रतिभागियों ने अनेक प्रश्न पुछकर अपनी जिज्ञासा को शांत किया।