थाना प्रभारी और सब इंस्पेक्टर हुए गिरफ्तार-करोड़ो की लूट के बने आरोपी, फरार सिपाहियों की तलाश में छापेमारी

<em>थाना प्रभारी और सब इंस्पेक्टर हुए गिरफ्तार-करोड़ो की लूट के बने आरोपी, फरार सिपाहियों की तलाश में छापेमारी</em>


सीजी न्यूज़ ऑनलाइन डेस्क 10 जून । एक इंस्पेक्टर और एक दरोगा ने यूपी पुलिस की वर्दी को फिर दागदार कर दिया। जिन पुलिसकर्मियों को बदमाशों और लूटेरों से पब्लिक की सुरक्षा के लिए रखा गया था, उन्ही ने लूट की वारदात को अंजाम दे दिया।

एक सर्राफा व्यापारी से चेकिंग के नाम पर 50 किलो चांदी लूटने वाला और कोई नहीं बल्कि एक कोटली के SHO और दरोगा साहब थे। बताया जा रहा है कि आरोपी इंस्पेक्टर कुछ महीने बाद डीएसपी बनने वाला था। इस पूरी घटना को अंजाम देने वाले खाकी सहित 6 लोगो को हिरासत में लिया गया है।

बता दें कि पूरा मामला औरैया जिले का है। जहां बीती 6 जून को बांदा के रहने वाले सर्राफ मनीष सोनी उर्फ सागर अपनी क्रेटा कार बांदा से औरेया जा रहे थे। उनके साथ मामा का लड़का रवि सोनी और भाभी सोनाली सोनी और उनकी बेटी अशी थी। गाड़ी ड्राइवर जगनन्दन पाल चला रहा था। औरैया जिले में एंट्री करते ही दोपहर 2:30 से 2:45 बजे के बीच एक सफेद रंग की स्कार्पियो गाड़ी के पास खड़े चार लोगों ने हाथ देकर गाड़ी रुकवा ली। गाड़ी रोकने वालों में दो व्यक्ति सादे कपड़े पहने थे, जबकि एक व्यक्ति दरोगा की वर्दी पहने था और पिस्टल लगाए था। एक सिपाही की वर्दी पहने था। कांस्टेबल के हाथ में कार्बाइन थी।
पीड़ित ने बताया कि इस दौरान उनकी गाड़ी में 50 किलो चांदी रखी हुई थी। तलाशी के बाद वह लोग बिल न होने की बात कहते हुए अपने साथ चांदी ले गए। साथ ही पीड़ित के ड्राइवर को भी अपनी स्कॉर्पियो में बिठाकर वहां से रफूचक्कर हो गए। कुछ दूर आगे आगे बसंत पेट्रोल पंप पर इन लोगों ने तेल डलवाया। कुछ समय रुकने के बाद ड्राइवर को उतार दिया और गाड़ी औरैया की तरफ चली गई। ड्राइवर को सभी लोगों के मोबाइल वापस कर दिए।
पीड़ित ने बताया कि इस पूरी घटना के बाद वो गाड़ी लेकर अपने मामा के घर औरैया चले गए। वहां पर इस पूरी घटना की चर्चा चल ही रही थी कि कुछ देर बाद ही उनका ड्राइवर जगननन्दन भी पीड़ित के मामा के घर पहुंचा। फिर उसने पूरी कहानी बताई। इसके बाद औरैया कोतवाली में लूट की एफआईआर दर्ज कराई।
एसपी औरैया चारू निगम ने बताया कि वारदात के बाद पुलिसकर्मियों ने बसंत पेट्रोल पंप तेल डलवाया था। सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए तो इससे साफ हो गया कि कानपुर देहात भोगनीपुर थाना प्रभारी ने अपनी टीम के दरोगा चिंतन कौशिक और दो सिपाहियों के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद पूरे मामले की जानकारी कानपुर के एडीजी जोन आलोक सिंह को दी। एडीजी की सहमति के बाद गुरुवार देर रात एसपी औरैया और एसपी कानपुर देहात ने छापेमारी करके लूट करने वाले थानेदार और दरोगा को अरेस्ट कर लिया। जबकि फरार सिपाहियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।