Explainer: क्या गगनचुंबी इमारतों के दबाव से धंसने लगती है धरती, क्या ये नया खतरा है?

<em>Explainer: क्या गगनचुंबी इमारतों के दबाव से धंसने लगती है धरती, क्या ये नया खतरा है?</em>


सीजी न्यूज़ ऑनलाइन डेस्क 21 मई । दुनिया के कई शहर विकास की अंधी दौड़ के बोझ तले धीरे-धीरे डूब रहे हैं. एक अध्‍ययन में समुद्र के जलस्‍तर में बढ़ोतरी के कारण न्‍यूयॉर्क सिटी और सैन फ्रांसिस्‍को समेत कई शहरों के नीचे धमीन के धंसने के कारणों की पड़ताल की गई है.

Cities are Sinking: अमेरिका का न्यूयार्क शहर गगनचुंबी इमारतों के दबाव में हर साल थोड़ा-थोड़ा जमीन में धंस रहा है. इससे पहले 2020 में सैन फ्रांसिस्‍को में भी ऐसा ही कुछ सामने आया था, जब वहां के मिलेनियम टॉवर को झुकने और जमीन में धंसने से रोकने के लिए 10 करोड़ डॉलर की परियोजना शुरू की गई थी. न्‍यूयॉर्क शहर के धंसने की जानकारी सामने आने के बाद बड़े शहरों के धंसने या झुकने और अंधाधुंध विकास के बोझ को लेकर एक बार फिर नए सिरे से बहस शुरू हो गई है. एक अध्‍ययन य‍ह तय करने की कोशिश करता है कि निर्माण पर्यावरण का भारी वजन शहरों के डूबने के लिए कितना जिम्‍मेदार है.

सैन फ्रांसिस्‍को के मिलेनियम टॉवर को झुकने और जमीन में धंसने से रोकने के लिए 2020 के आखिर में कराड़ों डॉलर की एक परियोजना पर काम शुरू किया गया. संकटग्रस्‍त लग्‍जरी कोंडो के किरायेदारों को इसके चार साल पहले पता चला था कि ये 58 मंजिला ऊंची इमारत एक दशक में करीब-करीब 16 इंच यानी एक फुट 4 इंच जमीन में धंस चुकी है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, किसी एक टॉवर या एक शहर के धंसने का मामला बहुत बड़ी समस्‍या का छोटा-सा हिस्‍सा है. ये सिर्फ खाड़ी या समुद्रतटीय क्षेत्रों से जुड़ी समस्‍या भी नहीं है. उनके मुताबिक, एक तरफ ऊंची इमारतें और बड़े शहर जमीन में धंस रहे हैं तो दूसरी तरफ ग्‍लेशियरों के तेजी से पिघलने के कारण समुद्र का जलस्‍तर लगातार बढ़ रहा है.