भिलाई नगर, 6 मई।ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने छत्तीसगढ़ में गौरक्षा और नरवा घुरवा बाड़ी योजना के तहत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किए जा रहे कार्यों को सराहनीय बताया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में गौवंश को लेकर जिस तरह के प्रयास हो रहे हैं, उसकी चर्चा देश के अन्य राज्यों में भी हो रही है।
आपको बता दें कि भिलाई में श्री शंकराचार्य कॉलेज के चेयरमैन आईपी मिश्रा के घर पहुंचे ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने छत्तीसगढ़ सरकार के गौ संरक्षण को लेकर किए जा रहे कार्यों को सराहा है। इस दौरान उन्होंने साईं बाबा को लेकर फिर कहा कि वो न तो भगवान हैं, न गुरु और न ही संत हैं। इसके बाद भी कोई उन्हें पूजता है, तो वो उनकी व्यक्तिगत श्रृद्धा है।
शंकराचार्य ने कहा कि गाय की रक्षा के लिए हम सभी को कार्य करना चाहिए। इस्लाम में भी कहा गया है कि जिसका हम दूध पीते हैं उसको काटना नहीं चाहिए, इसके बाद भी गाय काटी जा रही है। सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं अन्य प्रदेशों में भी लोगों उन्हें बताया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री गायों के संरक्षण को लेकर बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। यहां तक की कई भाजपा के बड़े नेताओं ने कहा कि उनकी तरह वो लोग भी काम करना चाहते हैं, लेकिन वो कर चुके हैं और अब हम करेंगे तो नकल मानी जाएगी लेकिन सही मायने में उनका कार्य सराहनीय है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि साईं बाबा क्या थे, इस विषय पर छत्तीसगढ़ में उनके पूज्य गुरुजी कवर्धा में बहुत बड़ी धर्म संसद का आयोजन कर चुके हैं। उसमें भी सिद्ध हो चुका है कि वो न तो गुरु हैं, न संत हैं और न भगवान हैं। पूजन एक अलग बात है और शास्त्र के अनुसार उनका निर्धारण करना अलग है। धर्माचारियों ने शास्त्रों का दृष्टिकोण रखते हुए ये परिभाषित कर दिया है कि साईं बाबा न तो गुरु की श्रेणी में आते हैं न भगवान की और न संत की श्रेणी में आते हैं। उसके बाद कोई कुछ माने, वो अलग बात है।
धर्मांतरण को लेकर उन्होंने कहा कि एक क्षेत्रीय स्तर पर राजनीति होती है, एक देश और एक विश्व स्तर पर राजनीति होती है। जिस समय आप क्षेत्र की राजनीति करते हैं उस समय देश और विश्व की राजनीति भी चलती रहती है। कुछ ऐसी शक्तियां हैं जो पूरे विश्व में अपना राज्य स्थापित करना चाहती हैं। उनके द्वारा अलग-अलग देशों में जो सरकार के लोग हैं उनके विरुद्ध षडयंत्र किए जाते रहते हैं। धर्मांतरण पूरे विश्व में हो रहा है, यह इसलिए है क्योंकि कुछ लोग चाहते हैं कि पूरे विश्व में उनका शासन हो जाए। राजनीतिक कारणों से पूरे विश्व में और भारत में धर्मांतरण हो रहा है।

संतों की ब्रांडिंग को लेकर शंकराचार्य ने बड़ा कटाक्ष करते हुए कहा कि हमारे पूर्वज कह गए हैं कि गुरु बनाओ जान के और पानी पियो छान के। आज जिसको देखो अगर वो टेलीवीजन में आता है तो वो अच्छा संत है। टेलीवीजन पर तो पैसा देकर कोई भी आ सकता है। कोई भी पैसा देकर गेरुआ वस्त्र खरीद कर पहन सकता है। लेकिन वो कितना शास्त्रीय है जब तक यह परख न ले, तब तक आगे न बढ़ें।
उन्होंने कहा कि जब से भारत देश आजाद हुआ हिन्दुओं को धर्म शिक्षा से वंचित कर दिया गया है इसलिए श्रीराम कथा, शिव महापुराण कथा आदि के माध्यम से संत जो शिक्षा दे रहे हैं, वह अच्छा है लेकिन कथा में टोटके या चमत्कार का बखान नहीं होना चाहिए। मोबाईल का दुरूपयोग और शराब की वजह से कई अनैतिक घटनाएं हो रही हैं, जिस पर अंकुश लगाना जरूरी है।

धर्मांतरण को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि कुछ लोग केवल धर्मांतरण का विरोध जरूर करते हैं लेकिन स्वयं उनके जीवन में धर्म का आचरण नहीं होता महज राजनीतिक स्वार्थ के चलते धर्मांतरण का विरोध ग़लत है। आजकल वोट बढ़ाने के लिए राजनीतिक व्यक्ति धर्मांतरण करवा भी रहा है और वोट के ही चक्कर में कई लोग विरोध भी करते हैं। जो लोग कहते हैं कि हिन्दुत्व खतरे में है, वो खुद समझें कि हिन्दू धर्म का कितना पालन वो स्वयं कर रहे हैं। अगर धर्म का पालन करो तो हिन्दुत्व पर कोई खतरा नहीं है।

उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ में नक्सलवादी समस्या खुद राजनीतिक नेता खत्म नहीं करना चाहते, पुलिस के अधिकारी हों या प्रशासन सभी का स्वार्थ जुड़ा हुआ है इसलिए नक्सल समस्या खत्म नहीं होती। दरअसल नक्सलियों का अलग, नेताओं का अलग, पुलिस का अलग, प्रशासन सहित सभी का स्वार्थ जुड़ा हुआ है, इसलिए नक्सलवाद खत्म नहीं हो रहा।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि बजरंग दल पर बैन की बात ग़लत है, अगर संगठन में कोई ग़लत काम कर रहा, गैर कानूनी आचरण हो तो उस पर कार्रवाई की जाए, लेकिन पूरे संगठन को ग़लत बताना या बैन करना, यह निर्णय ग़लत है।

