हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने 291 शोधार्थियों को पीएचडी के लिए किया पंजीकृत, 19 विषयों की पीएचडी आरडीसी समाप्त

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने 291 शोधार्थियों को पीएचडी के लिए किया पंजीकृत, 19 विषयों की पीएचडी आरडीसी समाप्त


हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने 291 शोधार्थियों को पपीएचडी के लिए किया पंजीकृत, 19 विषयों की पीएचडी आरडीसी समाप्त

दुर्ग 11 जुलाई । हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा आयोजित 19 विषयों की पीएचडी आरडीसी आडीसी आज समाप्त हो गई है। यह जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं पीएचडी सेल प्रभारी, डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि आज आरडीसी बैठक के अंतिम दिन भूगोल एवं इतिहास विषयों की आरडीसी की बैठक सम्पन्न हुई। विश्वविद्यालय की कुलपति, डाॅ. अरूणा पल्टा ने पृथक-पृथक समय में आयोजित दोनों बैठकों की अध्यक्षता की। कुलपति, डाॅ. पल्टा ने शोधार्थियों को तथा उनके शोध निर्देशकों को निर्देशित किया कि शोध विषय का चयन करते समय सदैव समसामयिक विषयों के चयन के साथ-साथ यह भी ध्यान में रखे कि उनके द्वारा किया गया शोध कार्य की सामाजिक उपयोगिता हों।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव, भूपेन्द्र कुलदीप ने शोधार्थियों से आग्रह किया कि वे सदैव उत्कृष्ट रिसर्च जनर्ल्स में अपने शोध पत्र प्रकाशित करने का प्रयास करें। पीएचडी सेल प्रभारी, डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि 22 अप्रैल से आरंभ हुई और 11 जुलाई को समाप्त पीएचडी आरडीसी की बैठक में 19 विषय शामिल थें। जिनमें होमसांइस, बायोटेक्नालाॅजी, हिन्दी, रसायन, भौतिकी, समाजशास्त्र, वनस्पति शास्त्र, अर्थशास्त्र माइक्रोबाॅयलाजी, राजनीति शास्त्र, वाणिज्य अंग्रेजी, शिक्षा, गणित, प्राणी शास्त्र, इतिहास, भूगोल, मनोविज्ञान तथा भूगर्भ शास्त्र विषय शामिल हैं। इन 19 विषयों में विशेषज्ञों द्वारा 30 नये शोध निर्देशकों का अनुमोदन किया गया। इसी प्रकार कुल 291 शोधार्थी पीएचडी हेतु पंजीकृत हुए। अब ये शोधार्थी अपने शोध कार्य की प्रगति से संबंधित रिपोर्ट हर 06 माह में अपने शोधकेन्द्र तथा अपने विश्वविद्यालय के पीएचडी सेल में जमा करेंगे। प्रत्येक रिपोर्ट में शोधार्थी की उपस्थिति का विवरण तथा शोध निर्देशक एवं शोधकेन्द्र के प्राचार्य का हस्ताक्षर आवश्यक है। शोधार्थियों को पंजीकरण के पूर्व अपने सिनॉप्सिस में प्लेजियारिज्म की जांच विश्वविद्यालय के ग्रंथालय में कराना आवश्यक है। शोधार्थियों को संपूर्ण शोध अवधि में अपने शोध निर्देशक के साथ शोधकेन्द्र में 300 दिन की भौतिक रूप से उपस्थिति आवश्यक  है। 291 शोधार्थियों को द्वारा आयोजित 19 विषयों की पीएचडी आरडीसी समाप्त

दुर्ग 11 जुलाई । हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा आयोजित 19 विषयों की पीएचडी आरडीसी  आज समाप्त हो गई है। यह जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं पीएचडी सेल प्रभारी, डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि आज आरडीसी बैठक के अंतिम दिन भूगोल एवं इतिहास विषयों की आरडीसी की बैठक सम्पन्न हुई। विश्वविद्यालय की कुलपति, डाॅ. अरूणा पल्टा ने पृथक-पृथक समय में आयोजित दोनों बैठकों की अध्यक्षता की। कुलपति, डाॅ. पल्टा ने शोधार्थियों को तथा उनके शोध निर्देशकों को निर्देशित किया कि शोध विषय का चयन करते समय सदैव समसामयिक विषयों के चयन के साथ-साथ यह भी ध्यान में रखे कि उनके द्वारा किया गया शोध कार्य की सामाजिक उपयोगिता हों।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव, भूपेन्द्र कुलदीप ने शोधार्थियों से आग्रह किया कि वे सदैव उत्कृष्ट रिसर्च जनर्ल्स में अपने शोध पत्र प्रकाशित करने का प्रयास करें। पीएचडी सेल प्रभारी, डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि 22 अप्रैल से आरंभ हुई और 11 जुलाई को समाप्त पीएचडी आरडीसी की बैठक में 19 विषय शामिल थें। जिनमें होमसांइस, बायोटेक्नालाॅजी, हिन्दी, रसायन, भौतिकी, समाजशास्त्र, वनस्पति शास्त्र, अर्थशास्त्र माइक्रोबाॅयलाजी, राजनीति शास्त्र, वाणिज्य अंग्रेजी, शिक्षा, गणित, प्राणी शास्त्र, इतिहास, भूगोल, मनोविज्ञान तथा भूगर्भ शास्त्र विषय शामिल हैं। इन 19 विषयों में विशेषज्ञों द्वारा 30 नये शोध निर्देशकों का अनुमोदन किया गया। इसी प्रकार कुल 291 शोधार्थी पीएचडी हेतु पंजीकृत हुए। अब ये शोधार्थी अपने शोध कार्य की प्रगति से संबंधित रिपोर्ट हर 06 माह में अपने शोधकेन्द्र तथा अपने विश्वविद्यालय के पीएचडी सेल में जमा करेंगे। प्रत्येक रिपोर्ट में शोधार्थी की उपस्थिति का विवरण तथा शोध निर्देशक एवं शोधकेन्द्र के प्राचार्य का हस्ताक्षर आवश्यक है। शोधार्थियों को पंजीकरण के पूर्व अपने सिनॉप्सिस में प्लेजियारिज्म की जांच विश्वविद्यालय के ग्रंथालय में कराना आवश्यक है। शोधार्थियों को संपूर्ण शोध अवधि में अपने शोध निर्देशक के साथ शोधकेन्द्र में 300 दिन की भौतिक रूप से उपस्थिति आवश्यक  है।