दहेज प्रताड़ना का दर्दनाक दंश – ससुराल पक्ष ने लात घूंसे से पीट मां और बच्ची को घर से निकाला, आसाम पुलिस की मदद से परिजनों तक लौटी भिलाई की बेटी
00 खानदान के लिए वारिस की बात कह दूसरे विवाह की थी तैयारी
भिलाई नगर, 27 जुलाई। बेटी पैदा होने और कम दहेज लाने से ख़फा ससुरालियों ने आसाम में भिलाई की बेटी और उसकी दो वर्ष की मासूम को मारपीट कर घर से निकाल दिया। मां-बेटी रात भर लोगों से मदद की गुहार लगाती रही। जानकारी मिलते ही भिलाई से मायके वालों ने आसाम सखी सेंटर को शिकायत की तो टीम ने पहुंच उनका रैस्क्यू कर भिलाई से गए परिजनों के सुपुर्द किया है। यह घटना पिछले महीने की है। तीन वर्ष पूर्व राजी खुशी तय हुए इस विवाह में लड़की के पिता द्वारा 1 लाख नगद, डेढ़ लाख घरेलू सामान और साढे़ 14 लाख की जमीन खरीद बेटी दामाद को उपहार में दिया था। दहेज के लिए प्रताड़ना का दौर तो शुरू से था मगर बेटी पैदा होने के बाद पति ने शराब पीकर मारपीट और दूसरी शादी का मन बना लिया था और इस मनसूबे में उसके माता पिता पूरा सहयोग करते हुए बहू को घर से निकालने आमादा थे। महिला पुलिस ने इस मामले में पति पी राजेश रेड्डी, ससुर पी सुब्बा रेड्डी और सास पी मोहिनी के खिलाफ धारा 498-ए और 34 के तहत जुर्म पंजीबद्ध किया है।
महिला पुलिस ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड निवासी माधव राव ने अपनी पुत्री यू लक्ष्मी का विवाह अपनी बहन पी मोहिनी के पुत्र राजेश से 9 फरवरी 2019 को किया। स्त्रीधन के रूप में नगद एक लाख व सोने चांदी का सामान व आभूषण भेंट किया। लक्ष्मी जब मकान नं. 2001, नया पोस्ट आफिस के पास, दुलियाजान, डिब्रुगढ, असम ससुराल गयी तब माधव ने डेढ़ लाख नगद राशि घरेलू सामान के लिए दी। नव दम्पत्ति के भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये लक्ष्मी और राजेश के संयुक्त नाम से साढे़ 14 लाख का एक प्लाट क्रय कर माधव ने भेंट किया। कुछ माह बाद दामाद राजेश रेड्डी की मांग पर व्यवसाय का स्तर बढाने के लिये एक दुकान लक्ष्मी के नाम से खरीदवाई। लक्ष्मी ने पुलिस को बताया कि विवाह के कुछ माह बाद पति, सास ससुर के व्यवहार में परिवर्तन आने लगा। राजेश शराब पी कर गाली गलौच व मारपीट करने लगा। इस बारे में सास को बताने पर उसने कहा मेरा बेटा ठीक कर रहा है, हम लोग क्या सोचकर विवाह किये थे और क्या हो गया। इस बीच 7 मई 2020 गर्भवती लक्ष्मी के पेट पर पति ने लात मार दिया। उसकी गंभीर हालत देख माधव उसे आसाम से भिलाई लेकर आ गए और सेक्टर-9 हास्पीटल में बच्ची का जन्म हुआ। बेटी के जन्म बाद लगातार सम्पर्क करने पर राजेश पुत्री होने के कारण लक्ष्मी और उसकी बच्ची को अपनाने व देखरेख करने से इंकार करता रहा। 6 माह तक ससुराल पक्ष उसे देखने तक नहीं आया। माधव और रिश्तेदारों के निवेदन पर ससुराल पक्ष पुनः लक्ष्मी और बच्ची को आसाम लेकर गया। कुछ माह बाद फिर राजेश शराब के नशे में मारपीट करने लगा। सास ससुर भी गाली गलौज कर और कैश मंगवाने की बात लक्ष्मी से कहने लगे। राजेश का विवाह किसी अन्य लडकी के साथ कर खानदान का वारिस पैदा करने की प्लानिंग की जाने लगी। लक्ष्मी ने जब यह बात पिता को बताई तो माधव उसे आसाम से अपने गृह ग्राम ले गए। वहां पंचायत द्वारा बैठक बुलायी गयी। जनवरी 2022 को दोनो परिवारों को समझाईश देकर साथ में रहने को कहा गया। लक्ष्मी को आसाम ले जाते ही ससुराल वालों ने मारपीट करना पुनः प्रारंभ कर दिया। 4 जून को राजेश शराब पीकर आया और लक्ष्मी को लात घुसा से इतना मारा कि वह जमीन पर गिर गयी। मासूम बच्ची को भी उसने थप्पड़ मार कर गला दबाने की कोशिश की। तभी ससुर पी सुब्बा रेड्डी एवं सास मोहिनी ने एक राय होकर बाल खींचते हुये लक्ष्मी और बच्ची को घर से बाहर कर दिया। पूरी रात लक्ष्मी और उसकी बच्ची घर के बाहर पडे़ रहे। किसी अन्य के मोबाईल से लक्ष्मी ने अपने मां और भाई को सारी जानकारी दी। भिलाई हाउसिंग बोर्ड से मोबाईल द्वारा सखी सेंटर असम में शिकायत की गयी तब पुलिस वहां गयी और पी राजेश को गिरफ्तार कर लिया और लक्ष्मी को प्राथमिक चिकित्सा हेतु हास्पीटल में भर्ती कराया। असम सखी सेंटर ने लक्ष्मी से कहा कि घटना के खिलाफ केस दर्ज कराओ। तो उसने भिलाई परिजनों के पास पहुंच दुर्ग से केस दर्ज कराउंगी। परिजन उसे आसाम से भिलाई लेकर आए और हास्पिटल में उपचार पश्चात लक्ष्मी ने महिला थाना पहुंच रिपोर्ट दर्ज करवायी है।

