हेssss राम…‼️रूपये लेकर जीवित मुख्यमंत्री तक का बना डाला डेथ सर्टिफिकेट 🛑 पता लगते ही प्रशासन के पैरों तले किसकी जमीन 🛑 5 आरोपी गिरफ्तार

<em>हेssss राम…‼️रूपये लेकर जीवित मुख्यमंत्री तक का बना डाला डेथ सर्टिफिकेट 🛑 पता लगते ही प्रशासन के पैरों तले किसकी जमीन 🛑 5 आरोपी गिरफ्तार</em>



सीजी न्यूज आनलाईन डेस्क, 4 मार्च। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग में फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है जिसमें जालसाजों ने चंद पैसों के लिए मुख्यमंत्री तक का डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया और फिर जब जीवित सीएम का डेथ सर्टिफिकेट वायरल होने के बाद एक राज्य से लेकर दूसरे राज्य तक हड़कंप मच गया। मामले में पुलिस ने जन्म और मृत्यु आंकड़ा अनुभाग के स्टेट कोऑर्डिनेटर सहित 5 को गिरफ्तार किया है।
आपको बता दें कि यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का है। यहां हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का ही फर्जी डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हल्कों में हड़कंप मच गया और आनन फानन में पुलिस ने जांच शुरू की। आज सोनभद्र के एएसपी त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी ने प्रेसवार्ता में बताया कि 2 फरवरी 2023 को मनोहर लाल पुत्र हरबंश लाल के नाम का फर्जी डेथ सर्टिफिकेट पंजीकरण संख्या डी/2023.60339- 000021 जारी हुआ था। 10 फरवरी को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय के जन्म-मृत्यु डेटा असिस्टेंट मनोज कुमार ने पुलिस में इसकी शिकायत की थी। पन्नूगंज पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच में खुलासा हुआ कि विभाग में संविदा पर कार्यरत स्टेट कोऑर्डिनेटर यशवंत जन्म और मृत्य प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सीआरएस पोर्टल की आईडी और पासवर्ड देता था। उसने गिरफ्तार किए गए आरोपियों को भी पासवर्ड दिया था। जिसके बाद इनके मोबाइल नंबर को उस आईडी पर रजिस्टर्ड कर दिया गया। जिससे लॉगइन करते आरोपियों को ओटीपी भी मिल जाती थी और वे जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया करते थे। प्रत्येक सर्टिफिकेट पर उन्हें पैसे मिलते थे। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि स्टेट कोऑर्डिनेटर द्वारा दिए गए पासवर्ड से लॉग इन करने के बाद हम जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का काम करते हैं। प्रत्येक प्रमाण पत्र के लिए धनराशि मिलती है।


उन्होंने बताया कि 2 फरवरी को मनोहर लाल पुत्र हरबंश लाल निवासी 719 न्यू प्रेम नगर पोस्ट प्रेम नगर करनाल हरियाणा पिन- 132001 का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए वॉट्सऐप पर विवरण भेजा गया था। जिसे हमने बनाकर वॉट्सऐप पर आगे भेज दिया। हम लोगों को जानकारी नही थी कि यह फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र हरियाणा के मुख्यमंत्री का बनवाया जा रहा है। जब इसका खुलासा हुआ तो हमने इसे उसी वक्त रद्द कर दिया।
मामले में जांच के बाद पुलिस ने जन्म-मृत्यु आंकड़ा विभाग के कार्यरत ठेका कर्मचारी यशवंत के साथ ही प्रशांत मौर्य, मोनू शर्मा उर्फ शिवानंद शर्मा, अंसार अहमद, मोहम्मद कैफ अंसारी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने 4 लैपटॉप और 7 मोबाइल बरामद किया है।