एकाधिकार होने पर एक उद्योगपति तानाशाह बनेगा, चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के आंदोलित कर्मचारियों के हित में राज्य सरकार को लिखेंगे चिट्ठी – टिकैत

एकाधिकार होने पर एक उद्योगपति तानाशाह बनेगा, चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के आंदोलित कर्मचारियों के हित में राज्य सरकार को लिखेंगे चिट्ठी – टिकैत


दुर्ग 19 फरवरी । देश के स्टील, पावर, सीमेंट प्लांट एवं समुद्र के आसपास का क्षेत्र केवल एक उद्योगपति गौतम आडवाणी के पास ही क्यों दिया जाए अन्य उद्योग पतियों को भी फलने फूलने का मौका मिलना चाहिए । सब कुछ एकाधिकार होने पर एक उद्योगपति तानाशाह की तरह काम करेगा । किसानों के हित में भूमि अधिग्रहण कानून 2013 का पालन होना चाहिए । चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में आंदोलित पूर्व कर्मचारियों को भी नौकरी प्राप्त हो सके इसके लिए वे राज्य सरकार को चिट्ठी लिखेंगे । उपरोक्त बातें कल रात को चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में आंदोलनरत कर्मचारियों के मंच पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं किसान नेता राकेश टिकैत ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहीं।


किसान नेता टिकैत ने कहा कि देश में कोई व्यापारी है ही नहीं जो प्लांट चले नहीं है वह भी अडानी को जा रहे हैं। अलग से रेलवे लाइन विशाखापट्टनम से लेकर छत्तीसगढ़ तक केवल अडानी के लिए बिछाई जा रही है। विशाखापट्टनम स्टील प्लांट भी अडानी को ही जाएगा। दूसरा समुद्र के आसपास के सारे क्षेत्र भी अडानी को ही दिए जा रहे हैं। स्टील प्लांट, पावर प्लांट, सीमेंट प्लांट, सबकुछ अडानी ग्रुप को दिया जा रहा है तो देश में अन्य उद्योगपति नहीं है उनके द्वारा यह प्रश्न खड़ा किया गया। उन्होंने कहा कि केवल एक ही कारोबारी को सारी संपत्ति बेची जा रही है । क्या भारत सरकार दबाव में कार्य कर रही है। यह किस तरह का डर है जो केवल एक ही ग्रुप को काम दिया जा रहा है। देश के दूसरे उद्योगपति भी फलने फूलने चाहिए । केवल एक आदमी के पास संपत्तियां होगी तो वह तानाशाह की तरह व्यवहार करेगा।


श्री टिकट ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार केवल धान पर ही काम कर रही है अन्य फसलों पर उचित मूल्य अभी तक किसानों को नहीं मिल सका है 5 दिनों से छत्तीसगढ़ प्रवास में रहते हुए जो महसूस किया उस संबंध में उन्होंने बताया कि किसानों से केवल 15 क्विंटल धान की ही खरीदी की गई है कल बस्तर में ₹1600 क्विंटल में धान बिकता हुआ भी उन्होंने देखा है अन्य फसलों के भी उचित दाम किसानों को प्रदेश सरकार द्वारा देना चाहिए। छत्तीसगढ़ में भूमि अधिग्रहण का बड़ा मुद्दा है। केंद्र ने भूमि अधिग्रहण के सर्वाधिकार राज्य को दिए हैं और राज्य ने डीसी को पावर दिए हैं भूमि के दरों के संबंध में डीसी को ही निर्धारण करना है उन्होंने यह भी कहा कि भूमि अधिग्रहण का जो कानून 2013 में बना था उसी का पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए प्रदेश में दिक्कतें हैं फसलों के दामों का सवाल है जमीन कैसे बचेगी इसका भी बड़ा सवाल है एमएसपी की गारंटी कानून का भी बड़ा सवाल है उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू करने का भी बड़ा सवाल है।

पूरे देश में किसानों पर 20 लाख करोड रुपए का कर्ज है करीबन 1:45 लाख करोड़ रुपए और बड़ा है वह भी किसानों के पास ही जाएगा बढ़ने के कारण किसानों की भी जमीन जाएगी।
उन्होंने कहा कि चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के पूर्व कर्मचारियों के आंदोलन के संबंध में उनके द्वारा आंदोलनकारियों से फिलहाल दस्तावेज प्राप्त किए हैं उसके अध्ययन के बाद ही विस्तार पूर्वक जानकारी दे पाएंगे परंतु यह स्पष्ट है कि भले ही शासन के द्वारा इस निजी कॉलेज को खरीदा गया है लेकिन पुराने कर्मचारियों को नौकरी मिले इसके लिए हुए प्रदेश सरकार को चिट्ठी लिखेंगे।