🟦 दुर्ग एसपी की ट्रैफिक अभियान में नई पहल, साढे़ 3 हजार लोगों को समझाईश
भिलाई नगर, 21 दिसंबर। दो पहिया वाहन चलाते समय होने वाले हादसों में ज्यादातर मौतें सिर में लगी गंभीर चोटों के कारण होती हैं। हेलमेट दुर्घटना के समय सिर में चोट लगने से बचाता है। अगर सभी लोग हेलमेट का प्रयोग करने लगेंगे तो उनकी जान की रक्षा होगी और सड़क हादसों में होने वाली मौतों में भी कमी आ जाएगी। दुर्ग एसपी डाॅ. अभिषेक पल्लव के निर्देश बाद सोमवार से हर रोज यातायात पुलिस चौक चौराहों पर न सिर्फ अभियान चलाते हुए हेलमेट और सीट बेल्ट के लिए लोगों को समझा रही है बल्कि अनेक स्थलों पर एसपी सहित आला अफसर मौके पर समझाइश देते सड़क किनारे की सफाई और जुर्माना कार्रवाई पर भी निगरानी रखे हुए हैं।
एसपी डाॅ. पल्लव ने कहा कि मक़सद सिर्फ यही है कि वाहन चलाते समय लोग पुलिस के डर से नहीं बल्कि स्वयं की रक्षा के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट को अपनाएँ। उन्होंने बताया कि तेजी से बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने लिए दुर्ग पुलिस ने सोमवार से भिलाई शहर के अलग-अलग चौक-चौराहों पर दो दिन में साढे़ 3 हजार से भी ज्यादा वाहन चालकों को समझाइश देते हुए चेकिंग अभियान जारी रखा है। ट्रैफिक पुलिस ने बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वाले दोपहिया वाहन चालकों को रोक-रोक कर उन्हें हेलमेट पहनने की हिदायत दी है। चार पहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाकर ही वाहन चलाने की सलाह दी जा रही है। माल वाहकों में सवारी बैठाने और दोपहिया वाहनों में तीन सवारी करने वालों को सख्ती से समझाते हुए चालानी कार्रवाई भी की गयी है। यातायात समझाइश अभियान के तहत गाड़ी से स्कूल आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं की चेंकिग कर 385 नाबालिगों को चेकिंग चिन्हित कर प्राचार्य और अविभावकों से बच्चों को गाड़ी न देने की सलाह दी गई है।
गौरतलब हो कि दुर्ग ट्रैफिक पुलिस के इस जागरूकता अभियान के दौरान एक और अच्छी पहल एसपी दुर्ग द्वारा की गयी है। अभियान के दौरान बिना हेलमेट चलने वालों को समझाइश तो दी ही जा रही साथ ही चौक के आस-पास स्वच्छ भिलाई के तहत उनसे पॉलिथीन भी एकत्र कराई गई। सोमवार की शाम को भिलाई टाउनशिप के ग्लोब चौक सहित अनेक चेकिंग पाइंट पर बिना हेलमेट चल रहे सैकड़ों लोग चौक चौराहों की सफाई में भी जुटे देखे गए। सफाई करने वालों में पुरुष के साथ महिलाएं, युवक और युवतियां भी थीं। पहली नजर में देखकर ऐसा लगा कि ये कोई स्वच्छता अभियान है लेकिन बाद में पता चला कि ये कोई स्वच्छता अभियान नहीं, बल्कि यातायात नियमों का पालन न करने की सजा है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को सबक सिखाने के लिए दुर्ग पुलिस ने यह नया प्रयोग किया है जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वालों दो विकल्प दिए जा रहे हैं। या तो वे चालान पटाएं या फिर श्रमदान कर सफाई करें। पहले दिन ग्लोब चौक 445 लोग यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़े गए, जिनसे श्रमदान कर सफाई करवाई गई और उन्हें समझाइश भी दी गई कि वे नियमों का पालन करें। पुलिस ने चौक पर बिना हेलमेट, दो पहिया में तीन सवारी और कार में बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों के लिए ही यह विकल्प रखा है बाकि शराब पीकर वाहन चलाने वालों और तेज रफ्तार में स्टंटबाजी करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।
सोमवार को एसपी डा. अभिषेक पल्लव ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को यह सजा दी। ग्लोब चौक के पास सड़क किनारे काफी कचरा पसरा था। साथ ही सिविक सेंटर से लगी झाड़ियों में शराबियों ने कचरा फैला रखा था जिसकी पूरी तरह से सफाई हो गई है। इस सजा से लोग दुःख या संताप में नहीं दिखे बल्कि, उन्हें प्रयोग अच्छा लगा कि सबक सिखाने के लिए पुलिस उनसे श्रमदान करवा रही है। इससे उनका शहर साफ तो होगा ही, साथ पकड़े गए सभी लोगों ने दोबारा नियम न तोड़ने का प्रण भी लिया।
वहीं कुछ लोग ऐसे भी मिले जिन्होंने सफाई करने से इन्कार किया तो पुलिस ने उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई कर उनसे जुर्माना वसूल किया। कुछ दो पहिया वाहनों में माडीफाई साइलेंसर लगे मिले। जिन्हें मौके पर ही निकलवाया गया और उनसे भी जुर्माना वसूल किया गया।


