दुर्ग 19 दिसंबर । हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग में आज आयोजित विज्ञान संकाय के प्रथम एवं रसायन शास्त्र विषय के पीएचडी वायवा में आज कर्तव्य अवकाश पर होने के बावजूद विश्वविद्यालय की कुलपति, डाॅ. अरूणा पल्टा ऑनलाइन रूप से कोलकाता एयरपोर्ट से जुड़ी तथा डाॅ. पल्टा ने रसायन शास्त्र की शोधार्थी श्रीमती नूरअफसा से शोध से संबंधित प्रश्न भी पूछा। कुलपति द्वारा विश्वविद्यालय में जारी शोध कार्य के प्रति इतनी गहन रूचि है कि पीएचडी वायवा में ऑनलाइन तथा आफलाईन रूप से उपस्थित सभी लोगों ने प्रशंसा की यह जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं पीएचडी सेल प्रभारी, डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि आज शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग की रसायन विभाग की शोध छात्रा, नूरअफसा का पीएचडी वायवा ऑनलाइन तथा आफलाईन रूप से आयोजित किया गया जिसमें लगभग 100 से अधिक लोग उपस्थित थें।साइंस काॅलेज, दुर्ग के प्राध्यापक, डाॅ. अनिल कश्यप के मार्गदर्शन में पीएचडी शोध कार्य करने वाली नूरअफसा ने चिरायता तथा पारीजात के पौधो की एंटी एक्सीडेंट तथा एन्टी फंगल गुणों का नैनो पार्टिकल के माध्यम से अध्ययन किया है। इन नैनो पार्टिकल के प्रयोग से भविष्य में कैंसर के उपचार में मदद मिल सकती है। बाह्य विषेषज्ञ के रूप में उपस्थित जबलपुर विश्वविद्यालय के डाॅ. अनिल बाजपेयी ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग में चल रहे शोध कार्य की प्रशंसा करते हुए नूरअफसा से शोध कार्य से संबंधित अनेक प्रश्न पुष्कर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दियें। पीएचडी वायवा का संचालन उपकुलसचिव, परीक्षा डाॅ. राजमणि पटेल ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति, डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव, कुलसचिव, भूपेन्द्र कुलदीप, उपकुलसचिव, डाॅ. राजमणि पटेल, डीसीडीसी, डाॅ. प्रीता लाल, राजेन्द्र चैहान, सहायक कुलसचिव, डाॅ. सुमीत अग्रवाल, हिमांषु शेखर मंडावी, साइंस काॅलेज, दुर्ग के प्राचार्य डाॅ. आर. एन. सिंह, रसायन शास्त्र की विभागाध्यक्ष, डाॅ. अनुपमा अस्थाना, डाॅ. अल्का तिवारी, जया तिवारी, सलीम अहमद सहित बड़ी संख्या में शोधार्थी ऑनलाइन तथा ऑफलाइन रूप से उपस्थित थे।

