प्राध्यापक अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक करें अनुसंधान, सेंट थॉमस महाविद्यालय भिलाई 3 सदस्यी नैक मूल्यांकन टीम ने किया 2 दिनों तक अवलोकन,

प्राध्यापक अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक करें अनुसंधान, सेंट थॉमस महाविद्यालय भिलाई 3 सदस्यी नैक मूल्यांकन टीम ने किया 2 दिनों तक अवलोकन,


भिलाई नगर 19 दिसंबर । सेंट थॉमस महाविद्यालय भिलाई में नैक मूल्यांकन दो दिवसीय कार्य 15 और 16 दिसंबर को संपन्न हुआ। इस मूल्यांकन टीम के अध्यक्ष मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ सुहास पेडनेकर थे। समिति के अन्य सदस्यों में आगरा से प्रोफेसर डॉ. प्रमोद कुमार एवं लुधियाना से डॉ परगट सिंह गरचा थे | 15 दिसंबर को सर्वप्रथम महाविद्यालय के निरीक्षण के दौरान सभी अतिथियों का महाविद्यालय के छात्रों द्वारा पारंपरिक छत्तीसगढ़ी पंथी नृत्य से स्वागत किया गया एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वंयसेवकों द्वारा ताली के साथ स्वागत किया गया। सभी अतिथियों ने वंदे मातरम पार्क में शहीदों को श्रद्धांजलि दी और वृक्षारोपण किया तथा एनसीसी कैडेट्स ने सभी अतिथियों को गार्ड ऑफ ओनर दिया। नैक मूल्यांकन समिति द्वारा दो दिवसीय प्रक्रिया में प्राचार्य के साथ साथ विभिन्न विभागों के प्रस्तुतीकरण को देखा एवं प्रत्येक सभी विभागों का भौतिक रूप से अवलोकन किया। शैक्षणिक अध्ययन के साथ साथ स्टाल के माध्यम से महाविद्यालय द्वारा एनसीसी, राष्ट्रीय सेवा योजना, महिला सुरक्षा इकाई, इको क्लब, कला प्रतिभा, ट्रेनिंग प्लेसमेंट, एमओयू क्रीड़ा एवं छत्तीसगढ़ दर्शन का भी प्रदर्शन किया गया। प्रथम दिवस सांध्यकालीन सत्र में महाविद्यालय के छात्रों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। दूसरे दिन मूल्यांकन समिति द्वारा ग्रंथालय, बालिका छात्रावास, खेल परिसर, जिम, सोलर पैनल, फलों के उद्यान, कैंटीन एवं ऑफिस का औपचारिक निरीक्षण किया गया। इस दो दिवसीय निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग की कुलपति डॉ अरुणा पल्टा विशेष रूप से उपस्थित थी|

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एम. जी. रोईमोन ने प्रारंभिक प्रस्तुतिकरण में महाविद्यालय का संक्षिप्त परिचय देते हुए विगत पांच वर्षों में महाविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल, कला, एवं अन्य उपलब्धियों का वर्णन करते हुए कहा कि सेंट थॉमस महाविद्यालय मध्य भारत में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करने वाली अग्रणी संस्था के रूप में पहचाना जाता है। इस दौरान समिति ने नियमित एवं भूतपूर्व छात्रों के साथ पालकों के साथ भी महाविद्यालय की सुविधाओं के संबंध में चर्चा की। दूसरे दिन अंतिम दौर की मीटिंग में नैक मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष डॉ सुहास पेडनेकर ने समिति द्वारा दिए गए सुझावों देते हुए कहा कि भविष्य में शिक्षकों का कैरियर उनके द्वारा किये गए अनुसंधान एवं छात्रों द्वारा दिए गए क्रेडिट पर ही निर्भर है इसलिए सभी प्राध्यापक अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक अनुसंधान करें। कार्यक्रम के अंत में आईक्यूएसी संयोजक डॉ देबजानी मुखर्जी ने मूल्यांकन समिति के द्वारा दिए गए सुझावों के लिए धन्यवाद देते हुए उन पर शीघ्र अमल करने का आश्वासन दिया | इस कार्यक्रम संचालन नैक संयोजक डॉ जेम्स मैथ्यू ने किया।