🔴 चिन्हित युवा समर्थकों की कनेक्शन लाईन डिस्कनेक्ट करने जुटे हैं शहर के सभी बडे़ छोटे “नेताजी”
🔴 रातों रात हटाए जा रहे वरदहस्त प्राप्त युवाओं के हाथ जोडे़ बैनर पोस्टर
भिलाई नगर, 19 नवंबर। दुर्ग जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से महादेव बुक आनलाईन सट्टा में पकड़ा रहे युवा कब राजनीति से जुड़े नेताओं की फजीहत कर दें, क्या पता?
दरअसल यही डर दुर्ग भिलाई के अनेक प्रतिष्ठित चेहरों पर आजकल उतर आया है क्योंकि जन्मदिन, तीज त्यौहार पर अपने अपने स्थानीय आदर्श नेताओं की फोटो के नीचे उनके पक्के और खास आशिर्वादी समर्थक के रूप में अपनी फोटो लगा बैनर पोस्टर से शहर के चौक चौराहे को पाटने वाले कई युवा समाजसेवी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से आनलाईन बेटिंग से जुड़े मिल रहे हैं, अब जबकि इनकी समाजसेवी भावना के पीछे इस अवैध कारोबार से अकूत धन इकट्ठा करने की मंशा शहर भर में चर्चा का विषय बन गई तो आदर्श बने इनके नेताजी खुद को सेफ रखने हर कनेक्टिविटी को आनन फानन डिस्कनेक्ट करने में लग गए हैं।
शहर के चौराहे, बिजली के खंभों और डिवाइडर पर फूल पत्तियों के बीच लगाए गए तमाम चिन्हित छोटे बडे़ बैनर कल रात से धीरे धीरे हटाए जा रहे हैं। इनमें ऐसे धार्मिक व सामाजिक आयोजन के भी बैनर शामिल हैं जिनमें नेताजी जोर शोर से अतिथि बन शामिल हुए क्योंकि शहर में ऐसे भी कुछ आयोजन हुए हैं जिनके फायनेंसर आनलाईन सट्टा ऐप के पैनलिस्ट रहे हैं। आयोजन में नेताजी के फोटो के नीचे उनके अभिनंदन स्वरूप लगी दर्जन भर फोटो के बीच ऐसे भी युवा समर्थकों की फोटो लगी थी जिनको पुलिस ने आनलाईन बेटिंग ब्रांच आपरेटर के रूप में हाल फिलहाल ने पकड़ कार्रवाई की थी।
वैसे भी आनलाईन बेटिंग कारोबार में ईडी की दस्तक ने सट्टा कारोबार से जुड़े नए-पुराने सटोरियों में हड़कम्प मचा दी है, दुर्ग जिला पुलिस ने पहले से ही इनकी नाक में दम कर रखा था, अब ईडी पता नहीं कौन कौन से लेन देन के नये पुराने कनेक्शन खोज निकाले क्या पता….! इस डर ने जहां आनलाईन पैनलिस्ट और सटोरियों की नींद उड़ा दी है वहीं समर्थक और पार्टी के कस्बाई जनप्रतिनिधि का इंवाल्वमेंट कब उजागर हो जाए, यह डर नेताजी के राजनीतिक भविष्य पर दिन रात पैबंद लगाने लगा है नतीजतन क्षेत्रीय नेता ऐसे खास और संदिग्ध समर्थकों से रातों रात अपना आशीर्वाद और समर्थन वापस लेने आमादा हैं और हों भी क्यों नहीं, जिस तरह दुर्ग जिले में जनप्रतिनिधि, व्यापारी, पुलिस वाले, ठेकेदार, जमीन दलाल के महादेव बुक सहित अन्य आनलाईन बेटिंग ऐप के पैनल संचालन की खबरें और इंवाल्वमेंट सामने आ रहा है, उनसे अभी किनारा कर लेना समझदारी भी है।
दुर्ग जिला पुलिस जिस तरह लगातार कार्रवाई से आनलाईन बेटिंग में छोटी मछलियों को पकड़ बडी़ मछलियों का डाटा ईडी को दे चुकी है, उससे कयास लगाए जा रहे हैं कि देर सबेर सभी राज बाहर आएंगे ही। अब तक ऐसे सैकडो़ं बैंक खातों की जानकारी पुलिस के हाथ लग चुकी है जिनमें 2 करोड़ से लेकर 10 करोड़ के बेटिंग ट्रांजेक्शन हुए हैं, अगर सभी खातों की बात करें तो यह आंकड़ा 300 करोड़ से ज्यादा का हो चुका है। इस कार्रवाई में मनी लांड्रिंग की भी अनेक जानकारियां हाथ लग चुकी हैं। यहां तक कि सट्टा किंग द्वारा आनलाईन बेटिंग से कमाए गए काले धन को कुछ सराफा व्यापारी, ट्रांसपोर्टर्स को चलाऊ के रूप में देकर एक नंबर बनाने के प्रयास भी उजागर हो जांच प्रक्रिया में आ गए हैं। ऐसे में कार्रवाई की तलवार किस खास समर्थक पर कब गिर जाए क्या पता। इस आशंका का नतीजा ही है जो हर रात धीरे धीरे शहर के नेताजी कुछेक चिन्हित समर्थकों से कनेक्शन को प्रदर्शित करते बैनर पोस्टर खुद मजदूर लगा कर हटवा रहे हैं, मजेदार बात यह भी है कि उनका यह प्रयास भी शहर में अब चर्चा का विषय बन गया है।

