सेल कर्मियों के 39 माह के एरियर्स एवं वेतन समझौता के अन्य लंबित मांगों को लेकर बोरिया गेट पर सीटू ने किया प्रदर्शन
भिलाई नगर 20 अगस्त .। बोरिया गेट पर सेल कर्मियों का 39 माह के एरियर्स एवं वेतन समझौता के अन्य लंबित विषयों को लेकर सीटू द्वारा आज सुबह प्रदर्शन किया गया ।
ज्ञात हो कि सेल कर्मियों के वेतन पुनर्निधारण हेतु एन.जे.सी. एस. में चल रहे वेतन वार्ता में सभी यूनियनों ने 1/1/2017 से वेतन पुनर्निधारण की माँग की है, किन्तु प्रबंधन द्वारा 1/1/2017 से मार्च 2020 तक बढ़े हुए वेतन के कारण बनने वाले 39 माह के एरियर्स को स्वीकार नहीं किया जाना न केवल वर्तमान कर्मियों को उनके जायज अधिकारों से वंचित रखना है। बल्कि यह उन वरिष्ठ कर्मचारियों के साथ भी अन्याय है जो जनवरी 2017 से लेकर मार्च 2020 के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं । एच.आर.ए., विशेष दुर्गम क्षेत्र भत्ता, रात्रि पाली भत्ता, गणवेश भत्ता एवं कैफिटेरिया पर्क्स के दायरे में नहीं आने वाले अन्य सभी भत्तों का 67 माह पश्चात भी निराकरण नहीं होने से कर्मियों में बातचीत के द्वारा मामलों को सर्वसम्मति से हल करने की एनजेसीएस की उच्च परिपाटी के प्रति विश्वास कम होता जा रहा है ।

मूल वेतन एवं महंगाई भत्ते के 39 माह का एरियर्स कर्मियों का अधिकार – सीटू
1/1/2017 से अप्रैल 2020 तक 39 माह का एरियर्स कर्मियों का अधिकार है, जिसके भुगतान की मांग हर एनजेसीएस बैठक में सभी यूनियनों द्वारा उठाया जा रहा है, लेकिन प्रबंधन फिर से लाभ कम होने की बात को रखकर 39 माह के एरियर्स को देने में आनाकानी कर रहा है । 21 अक्टूबर 2021 को एमओयू मसौदा पर हस्ताक्षर करने के समय प्रबंधन ने 2022 के पश्चात वित्तीय परिणाम एवं भुगतान करने की क्षमता को आधार बनाने के शर्त के प्रावधान पर तीन यूनियनों से हस्ताक्षर करवाने का प्रयास किया था लेकिन सीटू ने प्रबंधन की मंशा से जब हस्ताक्ष्रर करने वाली यूनियनों को अवगत करवाया तब उन यूनियनों ने भी हस्ताक्षर करने से मना कर दिया । तब प्रबंधन को एमओयू से उस शर्त को हटाना पड़ा था ।

कोर्ट में बीएमएस के जाने को बहाना बनाया
प्रबंधन ने 8 अगस्त 2022 की एनजेसीएस बैठक को बीच में ही खत्म करके कर्मचारियों के वेतन के एरियर्स के मामले को टाल कर कोर्ट में ही बात करने की बात कही । इस तरह प्रबंधन 39 माह के एरियर्स को नहीं देने के लिए बीएमएस द्वारा कोर्ट में जाने को बहाना बना रहा है ।
सेल की सभी इकाइयों ने अर्जित किया लाभ
39 माह के एरियर्स को देने के लिए प्रबंधन ने शर्त रखी थी कि जब सेल को लाभ होगा तब 39 माह के एरियर्स को किश्तों में दिया जाएगा । जब पिछले वित्त वर्ष में सेल की लगभग सभी इकाइयों ने लाभ अर्जित किया है और सेल को 12000 करोड़ का कर पश्चात लाभ कमाने में अपना योगदान दिया है तथा इस वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में 9829 करोड़ का कैश कलेक्शन एवं 758 करोड़ रुपए का कर पश्चात लाभ हुआ है, कर्मियों को एरियर्स पाने का अधिकार न्यायोचित है ।
दो इन्क्रीमेंट कर्मचारियों को दिया जाए
10 वर्षीय वेतन समझौता से 5 वर्षीय वेतन समझौता बेहतर है क्योंकि दो 5 वर्षीय वेतन समझौते में दो बार डीए मर्ज होने से मूल वेतन (BASIC) में वृद्धि एक 10 वर्षीय वेतन समझौते की अपेक्षा अधिक होती है । 10 वर्षीय वेतन समझौते की हानि को कर्मचारियों को दो इंक्रीमेंट देकर पूरी की जा सकती है । 10 वर्षीय वेतन समझौते से सबसे अधिक नुकसान युवा कर्मचारियों को होगा क्योंकि भविष्य में भी होने वाले सभी वेतन समझौते की गणना कम वेतनमान पर होगी ।
एचआरए का मामला सुलझाया जाए
एचआरए सब कमेटी की बैठक 2014 के बाद से प्रबंधन द्वारा आहूत नहीं की गयी है इसलिए एचआरए का मुद्दा बहुत समय से लंबित है । एचआरए के मुद्दे को प्रबंधन ने एचआरआर ( हाउस रेंट रिकवरी) से जोड़कर रखा है । एचआरए सब कमेटी की बैठक प्रबंधन को जल्द से जल्द आहूत कर इस मामले को सुलझाना चाहिए | सीटू की माँग है कि हॉउस रेंट पर्क्स में अधिकारियों की तर्ज पर 50% की छूट दी जाए ।

