आतंकी बंदर को 3 जिलों के वन विभाग की टीम ने किया पिंजरे में कैद, दुर्ग के प्रभावित आधा दर्जन वार्ड के रहवासियों ने ली राहत की सांस, देखिए वीडियो
दुर्ग 2 नवंबर। विगत 1 सप्ताह से बंदर के आतंक से प्रभावित दुर्ग के आधा दर्जन से अधिक वार्ड के रहवासियों ने आज बंदर के पकड़े जाने पर राहत की सांस ली है । पिछले 1 सप्ताह से वानर के आतंक से वार्ड वासी सहमे हुए थे । यह बंदर लगातार लोगों को काटकर जख्मी कर रहा था । अब तक 11 से ज्यादा लोगों को इस ने अपना शिकार बनाया है। जिसमें से दो लोगों गंभीर रूप से घायल हुए हैं । वन विभाग दुर्ग राजनांदगांव एवं रायपुर के रेस्क्यू टीम के लगातार प्रयास के बाद आज बंदर को इसे पकड़ने मे सफलता मिली है। का प्रयास कर रही है। परंतु वन विभाग को अभी तक सफलता हासिल नहीं हुई है। डीएफओ दुर्ग शशि कुमार ने बताया कि आज उग्र बंदर को कसारडीह दुर्ग क्षेत्र से पकड़ा गया है।
गौरतलब हो कि यह बंदर झुंड से भटकने के बाद बंदर 26 अक्टूबर से वार्ड क्रमांक 41, 42, 43, 44 वार्ड के रहवासियों को लगातार परेशान करता रहा। इस उत्पाती बंदर लोगों के घरों में घुसकर आतंक मचाता रहा। इतना कि हीं नहीं इस बंदर के द्वारा वार्ड वासियों को काट कर अपना शिकार भी बनाया। बंदर ने अभी तक दुर्ग के नागरिकों में श्वेता साहू, कुलेश्वरी यादव, नीलकंठ श्रीवास, राजेश यादव, राजेश गुप्ता, मोनू देशलहरे, दीपक देवराज एवं कल एसपी बंगले के पास महिला पूर्णिमा को काटकर अपना शिकार बनाया गया है।

डीएफओ दुर्ग शशि कुमार ने बताया कि आज सुबह से ही इस उग्र बंदर को पकड़ने के लिए दुर्ग राजनंदगांव एवं रायपुर के वन विभाग की टीम के द्वारा प्रयास किए गए थे अन तथा दिया बंदर दुर्ग के कसारडीह क्षेत्र से पकड़ा गया बंदर के पकड़े जाने के बाद वार्ड वासियों के द्वारा राहत की सांस ली गई। डीएफओ दुर्ग ने बताया कि बंदर ने जिन लोगों को काटकर जख्मी किया था उनमें से 8 लोग ठीक है जबकि दो गंभीर है जिन का इलाज अस्पताल में जारी है। यह बंदर अपने जून से भटकने के बाद उग्र हो गया था। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी जानवर को देखने के बाद उसे पत्थर से मारने अथवा उसे गुस्सा दिलाने से बचना चाहिए।

