🟠 आर्थिक संकट की वजह से एमआईसी में फैसला
🔴 संचित निधि से लगभग 10 करोड़ निकालने मांगी स्वीकृति
भिलाई नगर, 15 अक्टूबर। नगर पालिक निगम भिलाई इन दिनों बहुत कठिन हालात से गुजर रहा है। निगम के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने तक का बजट नहीं है। दीपावली के समय वेतन रोकने पर कर्मचारी विरोध न करें, इसे देखते हुए निगम ने संचित निधि से राशि लेकर वेतन देने का फैसला किया है। महापौर परिषद की बैठक में महापौर नीरज पाल के इस फैसले के बाद से निगम में जोर शोर से चर्चा हो रही कि आखिर ऐसे हालात बनें क्यों?
जानकारी मिली है कि संचित निधि से 9 करोड़ 84 लाख 18 हजार रूपए वेतन भुगतान करने के लिए निकाले जा रहे हैं। इस राशि से वेतन का भुगतान तभी किया जाएगा जब शासन से इसकी स्वीकृति मिल जाएगी।
गौरतलब हो कि भिलाई निगम में महापौर परिषद के इस फैसले के बाद से हड़कंप मचा है कि राज्य के सबसे अमीर निगम से एक भिलाई निगम आर्थिक संकट से कैसे गुजर रहा है। हालांकि महापौर ने एमआईसी में कहा कि यह फैसला दीपावली त्यौहार को देखते हुए अधिकारी/कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर लिया गया है। इस निर्णय को एमआईसी के सभी सदस्यों ने एक स्वर में स्वीकार भी कर दिया। अब निगम ने इसके लिए संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को पत्र लिखा है। महापौर नीरज पाल ने कहा कि नियमित अधिकारी/कर्मचारियों का वेतन सितंबर माह का जो अक्टूबर में मिलना होता है, वह नहीं मिला है जिसको देखते हुए महापौर परिषद ने सकारात्मक निर्णय लिया है। प्लेसमेंट कर्मचारियों का वेतन भी बकाया है। संचालनालय एवं शासन से अनुमति मिलते ही संचित निधि की उपलब्ध राशि में से इन्हें वेतन दे दिया जाएगा।

