डीएवी स्कूल मैनेजमेंट पर भड़के पैरेंट्स, पीटीएम बुला घंटों फीस की लाईन में किया खडा़

डीएवी स्कूल मैनेजमेंट पर भड़के पैरेंट्स, पीटीएम बुला घंटों फीस की लाईन में किया खडा़



🟠 फीस तो देना है, पर प्रक्रिया गलत-डीईओ
भिलाई नगर, 15 अक्टूबर। एसीसी जामुल स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में पैरेंट्स टीचर मीटिंग में जमकर हंगामा हुआ है। बताया जा रहा है कि जैसे ही पैरेट्स क्लास टीचर के पास पहुंचे, उन्हें फीस पटाने के लिए भेज दिया गया। फीस काउंटर में सिर्फ एक कर्मचारी बैठाया गया जिससे परिजनों को घंटों लाइन में लगना पड़ा। इस बात को लेकर परिजनों ने काफी हंगामा किया।


पैरेंट्स ने कहा कि स्कूल मैनेजमेंट द्वारा पीटीएम में बुलाकर फीस के लिए लाइन में खड़ा होने के लिए मजबूर किया गया है। डीएवी गुरुकुल परंपरा का पालन करने वाला स्कूल है, लेकिन अब यहां भी बाकी प्राइवेट स्कूलों का कल्चर आता जा रहा है। पैरेंट्स का कहना है कि स्कूल में पीटीएम इसीलिए रखी जाती है कि बच्चे के ग्रोथ और उसकी एक्टिविटी की जानकारी टीचर दे सकें, साथ ही यदि कोई टीचर सहीं न पढ़ाए तो उसकी शिकायत पैरेंट्स प्रिंसिपल से कर सकें लेकिन डीएवी मैनेजमेंट मनमाने तरीके से काम कर रहा है।
फीस पटाने के लिए लाइन में खड़े बुजुर्ग एसएस उपाध्याय ने कहा कि उन्हें पहले से फीस पटाने के लिए कोई रिमाइंडर या कॉल नहीं किया गया। न ही स्कूल डायरी में नोट लिखा गया। पैरेंट्स मीटिंग में हाफ इयरली एग्जाम के नंबर और कॉपी भी दिखाई जानी थी। जब वो क्लास रूम पहुंचे तो टीचर ने कहा दो महीने की फीस बाकी है, उसे पटा कर आइए। नीचे फीस पटाने के लिए गए तो वहां एक ही काउंटर खुला था और काफी लंबी लाइन थी। फीस बैलेंस होने से आगे वार्षिक परीक्षा फीस में बैठने से रोकते तो समझ आता, अभी 6 माह का समय बचा है। इस तरह फीस के लिए परिजनों को परेशान करना गलत है।

पैरेंट्स मीटिंग के लिए बालोद से आई पी वर्मा ने बताया कि उन्हें 9 बजे पैरेंट्स मीटिंग में बुलाया गया और फिर फीस पटाने के लिए अचानक बोला गया, यहां लंबी लाइन में लगना पड़ा है। अगर कोई शुरूआत से फीस नहीं पटाता तो समझ आता। मात्र दो तीन महीने की फीस के लिए इस तरह स्कूल बुलाकर परेशान करना उचित नहीं है।
डीईओ दुर्ग अभय जायसवाल से भी की गयी है। उन्होंने कहा कि फीस पटाना जरूरी है, बिना फीस के कोई संस्था चल नहीं सकती है लेकिन अचानक इस तरह फीस के लिए पैरेंट्स को लाइन में खड़ा कराना गलत है। स्कूल प्रबंधन को चाहिए, वह सभी अभिभावकों से अच्छे से पेश आए, उनके साथ गलत व्यवहार न करें। यदि ऐसी शिकायत आती है तो इसकी जांच की जाएगी।