डॉ.सोनाली चक्रवर्ती “बंग गौरव सम्मान” से कोलकाता में हुई सम्मानित, सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला गौरव

डॉ.सोनाली चक्रवर्ती “बंग गौरव सम्मान” से कोलकाता में हुई सम्मानित, सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला गौरव


भिलाई नगर 23 सितंबर । वर्ल्ड बुक ऑफ स्टार रिकॉर्ड्स एवं भारतीय वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति संस्था द्वारा कोलकाता में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में पूरे भारत के अलग-अलग क्षेत्रों से आए 101 लोगों के साथ छत्तीसगढ़ की डॉ सोनाली चक्रवर्ती को सामाजिक सरोकार के कार्य क्षेत्र में बंग गौरव सम्मान’ से नवाजा गया।


कोलकाता के एल्गिन रोड स्थित होटल हिंदुस्तान इंटरनेशनल के सभागृह में आयोजित इस सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि यज्ञ सम्राट डॉ.राजा शास्त्री थे। पद्मश्री निरंजन गोस्वामी (मीम आर्टिस्ट एनएसडी) एवं प्रख्यात सिने अभिनेत्री डागरमनी टूडू द्वारा छत्तीसगढ़ में विवाहित महिलाओं की अग्रणी संस्था स्वयंसिद्धा की संस्थापक एवं निदेशक डॉ.सोनाली चक्रवर्ती को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कोलकाता के प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में 101 विभिन्न क्षेत्रों से एवं अलग-अलग राज्यों से आए अतिथियों को सम्मानित किया गया । कार्यक्रम में चंद्र कुमार बोस (सामाजिक कार्यकर्ता व राजनीतिज्ञ एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते), दिलिप महाराज(भारत सेवाश्रम संघ), ब्रम्हाकुमारी कानन बहन (इंचार्ज ईस्टर्न जोन हेड क्वार्टर कोलकाता),प्रवीर रॉय( बांगला फिल्म निर्देशक), श्री हिरन चटर्जी (विधायक एवं फिल्म अभिनेता पं बंगाल), प्रख्यात गायिका एवं ब्रांड एंबेसडर वर्ल्ड बुक ऑफ स्टार रिकॉर्ड्स शांताश्री भट्टाचार्य,डॉ चंद्रमोहन श्रीवास्तव (अध्यक्ष लायंस क्लब ऑफ इंदौर महानगर ट्रस्ट),डाॅ.अनुपम नायक, डॉ. के राजन कावले, दीपान्विता जाना उपस्थित थे।


इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें “भारतीय स्वतंत्रता के इतिहास में बंगाल की संस्कृति के योगदान” विषय पर चुने हुए वक्ताओं ने अपने विचार रखे जिसमें डॉ सोनाली चक्रवर्ती को सुअवसर प्राप्त हुआ। सोनाली चक्रवर्ती ने बताया कि-” मेरे नाना अजीत रंजन विश्वास ने मास्टर सूर्य सेन के सानिध्य में आजादी की लड़ाई के शुरुआती दौर में काम किया था। मेरा जन्म छत्तीसगढ़ में हुआ है एवं छत्तीसगढ़ की माटी के प्रति अपना मातृऋण अपने कार्यों से अवश्य चुकाती रहूंगी।
बंगाल के लोग जहां रहेंगे अपनी संस्कृति के प्रति प्रतिबद्ध एवं देश की सुरक्षा, स्वतंत्रता और संस्कृति को बचाए रखने की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेंगे”। पश्चिम बंगाल,आसाम, मणिपुर,दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, मुंबई (महाराष्ट्र), बिहार से आए अवॉर्डी ने एक दूसरे के साथ अपने कार्यों व विचारों को संप्रेषित किया।
डॉ सोनाली चक्रवर्ती ने इस सम्मान का संपूर्ण श्रेय अपने पति संदीप चक्रवर्ती जो भिलाई इस्पात संयंत्र के सामग्री प्रबंधन विभाग में महाप्रबंधक के पद में कार्यरत हैं एवं स्वयंसिद्धा के सभी साथियों को दिया है।