भिलाई नगर, 22 सितंबर। देश के सबसे बड़े स्टील उत्पादक भिलाई इस्पात संयंत्र पर गहराये कोल संकट पर से बादल छटने लगे हैं । विशाखापट्टनम पोर्ट से रवाना हुआ रेलवे का एक रैक भिलाई पहुंच गया है । प्रबंधन ने दूसरा रैक देर रात तक पहुंचने की उम्मीद भी व्यक्त की है । कई और रैक रास्ते पर रुके हुए हैं जो शीघ्र ही भिलाई पहुंचेंगे ।
गौरतलब हो कि बीएसपी के पास मात्र दो दिन ही प्लांट चलाने के लिए कोयले का स्टॉक बचा हुआ है । जिसके चलते प्रबंधन ने रेल मिल का उत्पादन कम कर दिया और ब्लास्ट फर्नेस को डाउन किया है। कोयला संकट की वजह से प्रबंधन को ब्लास्ट फर्नेस 6 को बंद करना पड़ा है। इसके अलावा रेल मिल, वायर रॉड मिल, मर्चेंट मिल, बार एंड रॉड मिल में उत्पादन भी रोकना पड़ा है । इसके आलावा ब्लास्ट फर्नेस 8 को भी डाउन करने की तैयारी की जा रही है। परंतु आज सुखद खबर मिलने के बाद स्थिति के एक-दो दिन में सामान्य होने के आसार है।
सूत्रों से पता चला है कि बीएसपी के अलग-अलग यार्ड में ढाई लाख टन कोयला स्टॉक करने की क्षमता है, वर्तमान में मात्र लगभग 30 हजार टन कोयला ही बचा हुआ है। इस कोयले से प्लांट को दो दिन तक ही चलाया जा सकता है। साढ़े 12 हजार टन कोल की आवश्यकता होती है।
बीएसपी प्रबंधन अभी कोयले को अधिक समय तक चलाने की योजना पर काम कर रहा है, इसके चलते कल प्लांट में 740 पुशिंग की जगह 400 पुशिंग ही हो सकी है। कोयले की कमी से कोक ओवन में गैस नहीं बन पा रही है। जिससे प्लांट की रोलिंग मिल को कल बंद करना पड़ा है।
विशाखापट्टनम पोर्ट से भिलाई पहुंचा एक रैक, दूसरे की रात तक पहुंचने की उम्मीद
बीएसपी प्रबंधन ने बताया कि ने बताया कि रेलवे से रैक उपलब्ध नहीं होने के कारण ऑस्ट्रेलिया से आयातित किए जाने वाला ऑस्ट्रेलियन कोल की कमी हो गई है। जिसके कारण उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। परंतु ऑस्ट्रेलियन कोल विशाखापट्टनम पोर्ट में पूर्व से ही पहुंच चुका है। रेलवे के द्वारा रैक भी उपलब्ध करा दी गई है। जिसके कारण एक रैक भिलाई पहुंच गई है। दूसरी रैक के देर रात तक पहुंचने की उम्मीद है। प्रबंधन ने यह भी बताया कि कई रैक रवाना हुए हैं जो रास्ते में फंसे हुए हैं शीघ्र ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।

