सेंट थॉमस महाविद्यालय, भिलाई में मशरूम कृषि पर सर्टिफिकेट कार्यक्रम का किया आयोजन

सेंट थॉमस महाविद्यालय, भिलाई में मशरूम कृषि पर सर्टिफिकेट कार्यक्रम का किया आयोजन



भिलाई नगर 3 सितंबर । सेंट थॉमस महाविद्यालय, भिलाई के माइक्रोबायोलॉजी एवं बायोटेक्नोलॉजी स्नातकोत्तर विभाग द्वारा “मशरूम कृषि – क्षेत्र एवं अवसर” विषय पर सर्टिफिकेट कार्यक्रम का आयोजन किया गया | इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों में तकनीकी कला का विकास एवं वृहद स्तर पर मशरूम कृषि करना था | साथ ही कार्यक्रम के द्वारा प्रतिभागियों को मशरूम कृषि के लिए उद्यम लगाने की प्रेरणा देना तथा उससे संबंधित कला का विकास करना था जिससे कि वे अपने कृषि कार्य में मशरूम कृषि को जोड़कर अधिक से अधिक आय अर्जित कर सकें| महाविद्यालय के प्रशासक रेवरेंट फादर डॉ जोशी वर्गीस ने माइक्रोबायोलॉजी एवं बायोटेक्नोलॉजी स्नातकोत्तर विभाग द्वारा इस सर्टिफिकेट कार्यक्रम के आयोजन हेतु किये गए प्रयासों की सराहना की | सेंट थॉमस महाविद्यालय भिलाई के प्राचार्य डॉ एम. जी. रोईमोन ने सर्टिफिकेट कार्यक्रम के आयोजन के लिए माइक्रोबायोलॉजी एवं बायोटेक्नोलॉजी स्नातकोत्तर विभाग को अपनी शुभकामनायें दी| आज के इस उद्घाटन समारोह की मुख्य अतिथि एवं वक्ता कृषनगर शासकीय महाविद्यालय पश्चिम बंगाल की सहायक प्राध्यापक डॉ सोमांजना खटुआ थी| उन्होंने अपने उदबोधन में मशरूम की विभिन्न किस्मों की जानकारी देते हुए उनके पोषक गुणों की व्याख्या की| उन्होंने मशरूम को एक सुपरफ़ूड की तरह विकसित करने के बारे में चर्चा की| साथ ही उन्होंने मशरूम की रासायनिक संयोजन की सुंदर व्याख्या की तथा विभिन्न प्रकार के मशरूमों के बनावट को चित्रों के माध्यम से समझाया| उन्होंने विभिन्न प्रकार के मशरूमों की वंशों की जानकारी दी| कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न तकनीकों के माध्यम से जैवसक्रिय मिश्रण के संख्यात्मक विश्लेषण को समझाया| कुमारी सुलगना घोष ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा डॉ. वी. शांति, डॉ उज्जवला सुपे एवं डॉ शुभा दीवान ने सर्टिफिकेट कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग दिया|